Essay on Agriculture in Hindi

कृषि पर निबंध – Essay on Agriculture (Krishi) in Hindi

भारत एक कृषि प्रधान देश है, वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर है, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 10 करोड़ परिवार है जो कृषि पर निर्भर है, यह संख्या देश के कुल परिवारों का 48 फीसदी है।

कृषि को एग्रीकल्चर भी कहते हैं। एग्रीकल्चर शब्द लैटिन भाषा के एग्री तथा कल्चर शब्द से मिलकर बना है जिसमें एग्री का अर्थ होता है क्षेत्र तथा कल्चर का अर्थ होता है खेती करना।

कृषि की प्रमुख शाखाएं निम्न है?
1. शस्य विज्ञान या एग्रोनॉमी – शस्य विज्ञान के अंतर्गत खाद्यान्न फसलों की खेती, उनकी बुवाई,कटाई, निराई, गुड़ाई, समय पर खाद डालना, सिचाई प्रणाली, रखरखाव इत्यादि सिखाया जाता है।
2. उद्यानिकी या हॉर्टिकल्चर – इसके अंतर्गत वानिकी फलो की खेती (पोमिक्लचर), सब्जी उत्पादन (ओलेरिकलचर) तथा अलंकृत बागवानी, किचन गार्डन इत्यादि बारे में हमें सिखाया जाता है।
3. मृदा विज्ञान – मृदा की जांच करना,मिट्टी में उपस्थित पोषक तत्वों का पता करना,भूमि में किन आवश्यक तत्वों की जरूरत है उनका निर्धारणवमृदा सुधार के बारे में सिखाया जाता है।
4. पादप रोग विज्ञान – इसके अंतर्गत पौधों तथा मृदा में लगने वाले रोगों की जांच कर उनका उपचार किया जाता है।
5. मौसम विज्ञान – यह शाखा कृषको को मौसम के बारे में जानकारी देती है।

इस प्रकार कीट शास्त्र, पशुपालन, कृषि अर्थशात्र, भी कृषि विज्ञान की प्रमुख शाखाएं हैं।

6. कीट शास्त्र– कीट शास्त्र में फसलों को नुकसान पहुचाने वाले कीट जैसे टिड्डा, दीमक, इत्यादि की रोकथाम के बारे आवश्यक उपाय किये जाते हैं।
7. पशुपालन – पशुपालन जैसे गाय, भैस, बकरी, भेड़, मुर्गा इत्यादि का पालन कृषि केलिए आवश्यक है क्योंकि कृषि तथा पशुपालन एक दूसरे के पूरक है, कृषि से प्राप्त खाद्यान्न तथा चारे का प्रयोग पशु आहार के रूप में होता है और पशुओं से प्राप्त गोबर इत्यादि अपशिष्ट से खाद तैयार की जाती है जो भूमि की उर्वरा शक्ति की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, साथ ही गाय, भेस बकरी के दूध, बकरी, मुर्गी के मांस, अंडे के विक्रय से आर्थिक आय की प्राप्ति होती है।
8. कृषि अर्थशात्र – कृषि अर्थशात्र में हमेंप्रक्षेत्र प्रबंधन, आय-व्यय, आर्थिक समायोजन की जानकारी प्राप्त होती है।

भारत में कृषि तीन चरणों में की जाती है-

1. खरीफ की फसल – इस फसल की बुआई जून-जलाई में की जाती है तथा कटाई सितम्बर -अकटुबर में की जाती है, इस की प्रमुख फसल उड़द, मूंग, मुगफली, सोयाबीन, कपास, मक्का, अरहर रिजकाइत्यादि है।
2. रवी की फसल – इस फसल की बुआई अकटुबर – नवम्बर में हो जाती है तथा कटाई मार्च अप्रेल में कीजाती है। इस की फसल गेंहू, जौ, चना, सरसो ,मसूर, मटर बरसीम इत्यादि है।
3. जायद की फ़सल – इस फसल में तरबूज, खरबूज, ककड़ी इत्यादि की खेती होती है।

भारत आज आधुनिक समय में ग्रामीण इलाके का किसान नई तकनीकों, हाइब्रिडबीजो, नवीन प्रजातियों के अभाव में पिछड़ा है। सिचाई की पद्धतियों ड्रिप, बौछारी आदि प्रणालीओं की जानकारी न होना, साथ ही वर्षा की अनियमितता भी मुख्य कारण है, अतः आवश्यक है कि सरकार तथा कृषि विभाग द्वारा किसानों को नई- नई कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें उन्नत कृषि की ओर अग्रसर किया जाए।

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