क्रिकेट पर निबंध (Essay on Cricket in Hindi): Cricket Nibandh for Student Kids

Cricket Essay in Hindi: यहां क्रिकेट पर सबसे सरल और आसान शब्दों में हिंदी में निबंध पढ़ें। नीचे दिया गया क्रिकेट निबंध हिंदी में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

Essay on Cricket in Hindi (क्रिकेट पर निबंध): Short and Long

जिस प्रकार शिक्षा मानव के मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने के लिए आवश्यक है उसी प्रकार क्रीडा मानव शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मानव जीवन में खेलकूद का महत्वपूर्ण स्थान है। विश्व में अनेक प्रकार के खेल खेले जाते हैं उन्हीं में से एक क्रिकेट भी विशेष प्रकार का खेल है।
क्रिकेट का जन्म इंग्लैंड में 500 साल पहले अलग-अलग नियमों के तहत खेले जा रहे वनडे के खेलों से हुआ था ।बैट अंग्रेजी का एक पुराना शब्द है इसका सीधा अर्थ है डंडा या कुंदा।

17 वीं सदी में इसकी खेल के रूप में आम पहचान बन चुकी थी। 18 वीं सदी तक बल्ले की बनावट हॉकी स्टिक की तरह नीचे से मूडी हुई होती थी इसकी सीधी सी वजह थी कि उस समय बॉल को लुढका कर खेला जाता था। क्रिकेट की खास बातें हैं कि पिच की लंबाई तो 22 गज होती है लेकिन मैदान का आकार एक जैसा नहीं होता।

कायदे कानून में खेले जाने वाले खेलों में क्रिकेट नंबर 1 पर है। क्रिकेट ने सबसे पहले अपने लिए नियम बनाएं और बर्दिया भी अपनाई, क्रिकेट के कानून सबसे पहले साल 1744 मेंबनाए गए थे, उनके मुताबिक दोनों टीम के कप्तान दो एंपायर चुनेंगे जो बाद – विवाद का निपटारा करेंगे।
स्टम्स 22 इंच के होंगे। दोनों स्टम्स के बीच की दूरी 22 गज होगी। गेंद का वजन 5 से 6 ओस होगा। उस समय बल्ले के आकर रूप में कोई नियम नहीं था। दुनिया का पहला क्रिकेट क्लब 1760 में हैमिल्टन में बना तथा मेलबर्न क्रिकेट क्लब एनसीसी की स्थापना 1787 में हुई और उसने क्रिकेट के कई नियमों में बदलाव किए जिससे खेल में कई बदलाव आ गए जिन्हें 18वीं सदी के दूसरे हिस्से में लागू किया गया तथा बल्ले की चौड़ाई 4 इंच फिक्स कर दी गई।

1780 तक बड़े मैच की अवधि 3 दिन तक हो गई और इसी साल 6 सीम वाले गेम सामने आई। 20वीं सदी में कई बदलाव हुए, गेंद का व्यास तय किया गया पैड व दस्तानों का उपयोग होने लगा, बाउंड्री की शुरुआत हुई जबकि इससे पहले हर रन दौड़ कर लेना पड़ता था और सबसे अहम बात ओवर आर्म बोलिंग कानूनी ठहराई गई। बॉर्डर की सीमा तय नहीं होती है। नियम यह कहता है कि एम्पायर दोनों कप्तानों से सलाह करके बाउंड्री तय करेगा।

हॉकी और फुटबॉल जैसे खेल तो अंतरराष्ट्रीय बन गए थे। परंतु क्रिकेट सिर्फ उन्हीं देशों तक सीमित रहा जो ब्रिटिश शासन के अंग थे।
वर्तमान में भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश की टीमें जैसी टीमें विश्व में अपना विशेष स्थान रखती हैं।
अब क्रिकेट 3 प्रकार का होता है- वनडे, टेस्ट और टी20। टी20 वर्तमान में सर्वाधिक लोकप्रिय माना है।

खेल की रीति
खेल आरंभ होने के पूर्व अंपायर व दोनों दलों के कप्तान मैदान में उतरते हैं। अंपायर एक सिक्का उछाल कर टॉस जीतने वाले कप्तान को फिल्डिंग लेने या बैटिंग करने को कहता है। खेल प्रारंभ होते ही एक टीम क्षेत्ररक्षण करती है दूसरी टीम की बल्लेबाजी में 11 खिलाड़ी होते हैं।
यदि बल्लेबाज द्वारा बल्ले से मारी गई गेद मैदान में बनी सीमा रेखा को लुढ़कते में पार कर जाती है तो 4 रन, यदि बल्लेबाज केंद्र फील्ड के बाहर टप्पा खाए तो 6 माने जाते हैं। रन दौड़ कर भी बनाए जा सकते है, एक पक्ष के दो खिलाड़ी बल्ला लेकर आगे जाते हैं, गेंद फेंकने वाला गेंद फेंकता है दूसरे पक्ष से खिलाड़ी गेंद रोकता है। खेलते खेलते जब 10 खिलाड़ी आउट हो जाते हैं तो फिर दूसरा दल खेलना आरंभ करता है जिस पक्ष के रन ज्यादा होते हैं वह जीता हुआ माना जाता है और यदि समय अभाव के कारण दोनों टीमें पूरा खेल नहीं खेल पाती है तो खेल बिना हार जीत की ड्रॉ हो जाता है।

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