स्वर्ण से सम्बंधित तीन नई योजनाएं – Gold Monetary , Gold Bond and Gold Coin Scheme – Hindi

Here you will find complete information about Narendra Modi’s Government Gold Monetary Scheme, Gold Bond Scheme and Gold Coin Scheme in Hindi


स्वर्ण मौद्रीकरण योजना, स्वर्ण बांड योजना व् स्वर्ण सिक्का योजना – देश में स्वर्ण के बढ़ते आयत पर अंकुश लगाने तथा बड़ी मात्रा में घरों व् अन्य संस्थानों आदि के पास पड़े हुए स्वर्ण को उत्पादक कार्यों में उपयोग में लाने के लिए स्वर्ण से सम्बंधित जिन तीन योजनाओं को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सितम्बर 2015 की बैठक में अनुमोदित किया गया था, उनका औपचारिक अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर, 2015 को नई दिल्ली में किया. इसी के साथ इन योजनाओं का औपचारिक शुभारम्भ हो गया है, इनमें पूर्व घोषित स्वर्ण मौद्रीकरण योजना (Gold Monetisation Scheme) सम्प्रभु स्वर्ण बांड योजना (Sovereign Gold Bond Scheme) तथा स्वर्ण सिक्का व् बुलियन योजना (Gold Coin and Bullion Scheme) शामिल है. नई शुरू की गई स्वर्ण मौद्रीकरण योजना 2015 ने स्वर्ण जमा योजना (Gold Deposit Scheme) 1999 का स्थान लिया है.


स्वर्ण मौद्रीकरण योजना Gold Monetization scheme in Hindi

स्वर्ण मौद्रीकरण योजना का उद्देश्य घरों व् अन्य संस्थाओं के पास निष्क्रिय पड़े लगभग 20,000 टन स्वर्ण का उत्पादक कार्यों में इस्तेमाल कारण है. इस योजना का के तहत निवासी भारतीय (Resident Indians) – व्यक्ति, हिन्दू अभिभाजित परिवास, ट्रस्ट, म्यूचअल फण्ड व् एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) अपना स्वर्ण बेंको में जमा कर बेंको से 995 शुद्धता का स्वर्ण जमा-पात्र प्राप्त कर सकेंगे, स्वर्ण मूल्य (ग्राम) में निरुपित इन बाँडस पर देय ब्याज भी स्वर्ण मूल्य में ही देय होगी. यह बाँडस तीन विभिन्न अवधियों – अल्पविधि जमा (1-3 वर्ष), माध्यम अवधि जमा (5-7 वर्ष) व् दीर्घावधि जमा (12-15 वर्ष) के लिए प्राप्त किए जा सकेंगे. अल्पविधि के लिए स्वर्ण जमाएं जहाँ अपनी और से ही बेंकों द्वारा स्वीकार की जायगी . माध्यम अवधि व् दीर्घ अवधि की स्वर्ण जमाएं भारत सरकार के लिए बैंक स्वीकार करेंगे. इस योजना के तहत जमा किए जाने वाले स्वर्ण की न्यूनतम मात्रा (30 ग्राम, 995 शुद्धता का स्वर्ण) निर्धारित की गई है, जबकि कोई अधिकतम सीमा इसके लिए नहीं होगी. इर्धारित ‘लॉक इन पिरीएड’ की शर्त के साथ स्वर्ण की समय पूर्व वापसी भी हो सकेगी.


स्वर्ण बांड योजना – Gold bond scheme in Hindi

नई शुरू की गई सार्वभोम गोल्ड बांड योजना के तहत भारत सरकार की और से स्वर्ण बांड भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए गए है. स्वर्ण मौद्रीकरण योजना की तरह यह बांड भी केवल निवासी भारतीयों के लिए है, स्वर्ण में निरुपित इन बांड्स की पहली किश्त की बिक्री के लिए बांको व् डाकघरों के माध्यम से आवेदन-पात्र 5-20 नवम्बर, 2015 को आमंत्रित किए गए थे तथा यह बांड 26 नवंबर को जारी किए जाने थे. इस तिथि तक 917 किग्रा स्वर्ण के लिए 246 करोड़ राई के कुल निवेश के 63 हजार आवेदन रिज़र्व बैंक को प्राप्त हो चुके थे. निवेशको के उत्साह को देखते हुए आवेदन हेतु अंतिम तिथि को 30 नवम्बर , 2015 आरबीआई ने कर दिया था तथा बांड निर्गमन की तिथि भी 30 नवम्बर की गई थी. किसी एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 2 ग्राम व् अधिकतम 500 ग्राम तक के स्वर्ण के बांड ही किसी एक व्यक्ति द्वारा ख़रीदे जा सकते है. यह बांड्स 8-8 वर्ष अवधि के है, किन्तु 5 वर्ष के पश्चात उनकी वापसी की जा सकेगी तथा इन देय ब्याज दर 2-75 प्रतिशत निर्धारित की गई है. इनr बांड्स हेतु स्वर्ण का मूल्य पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रचलित रहे ओसत मूल्य के आधार पर तय किया . बांड्स पर देय ब्याज की अदायगी रुपए मूल्य में ही होगी तथा यह ब्याज कर योग्य आय मानी जाएगी तथा पूंजीगत लाभ कर भी इन पर देय होगा.


स्वर्ण सिक्का योजना – Gold Coin Scheme in Hindi

तीसरी, भारतीय स्वर्ण सिक्का व् बुलियन के तहत सोने के सिक्के सरकार द्वारा जारी किए जाएँगे. 5 ग्राम व् 10 ग्राम मूल्य के इन सिक्को में एक और राष्ट्रिय चिन्ह अशोक चक्र व् दूसरी और महात्मा गांधी का चित्र अंकित होगा. बाद में 20-20 ग्रामे के गोल्ड बाद भी जारी किए जाएँगे . इस योजना के लिए 5-5 ग्रामे के 20000 तथा 10-10 ग्राम के 30,000 सिक्को का टंकण सिक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मीटिंग कॉपरेशन ऑफ़ इन्डिया लि. द्वारा किया जाएगा तथा इनकी बिक्री बेंको व् डाकघरों के माध्यम से की जाएगी . अशोक चक्र वाले सोने की सिक्को की शुरुआत को राष्ट्रिय गोरव का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा की इससे लोगो को अब विदेशी स्वर्ण बुलियन या सिक्कों पर निर्भर नहीं रहना होगा.


इन योजनाओं के कार्यान्वयन से देश में घरों एवं संस्थानों के पास फ़ालतू एवं व्यर्थ पड़े 20 हजार टन से अधिक अनुमानित स्वर्ण का उत्पादक कार्यों में इस्तेमाल जहाँ हो सकेगा वही स्वर्ण के आयत पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा. स्वर्ण बांड योजना के उपलब्ध रहते स्वर्ण में निवेश करने वाले निवेशकों को अब भौतिक रूप में स्वर्ण का करी नहीं करना पड़ेगा तथा स्वर्ण की खदिर के सभी लाभ स्वर्ण बांड के जरिए ही उठाए जा सकेंगे. देश में स्वर्ण के आयत में भारी कमी इससे आएगी तथा बहुमूल्य विदेशी मुद्रा कोषों का संरक्षण भी इनसे किया जा सकेगा.