Government Schemes

Hindi – Balram Talab Yojana Madhya Pradesh

किसानों को सूखे की मार, दिनोंदिन गिरते जलस्तर व सिंचाई संबंधी तमाम असुविधाओं से निज़ात दिलाने को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बलराम तालाब योजना अथवा मध्य प्रदेश खेत तालाब योजना का शुभारंभ मई, 2007 में किया गया। यह योजना ‘किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मध्य प्रदेश’ द्वारा संचालित की जाती है।

पानी की समुचित व्यवस्था अच्छी खेतीबाड़ी के लिये अनिवार्य होती है। अक्सर देखने में आता है कि आम कृषकों को वर्षा और सर्दी के मौसम में तो सिंचाई की कोई विशेष दिक्कत नहीं आती, पर गर्मियों में पानी कम उपलब्ध होता है। जिससे स्वभावतः इनकी फसलों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। वे जब एक बार सूख जाती हैं, फिर कोई उपाय नहीं लगता। तब किसान हताश हो जाता है। किसानों की इन सब परेशानियों को देखते हुये ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ‘बलराम तालाब योजना’ संचालित है, जिसके तहत किसान सरकारी मदद से अपने खेतों में तालाब, तलाई या डिग्गी का निर्माण कर सकता है। और इस तरह गर्मियों या दूसरी आपात स्थितियों के लिये खेत में ही जल-संचय कर सकता है।

शुरुआत में इस योजना के तहत लाभार्थी किसानों को कुल लागत का 25 फ़ीसदी और अधिकतम 50 हजार रूपयों की सरकारी मदद प्राप्त होती थी। बाद में इस सीमा को बढ़ाकर क्रमशः लागत का चालीस फ़ीसदी व कुल अस्सी हजार रूपये कर दिया गया। वैसे इस योजना में विभिन्न वर्ग के किसानों की खातिर अलग-अलग प्रावधान हैं। इसके अलावा इसे ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ में भी सम्मिलित कर लिया गया है। कुल मिला कर इस योजना के ज़रिये सरकार का उद्देश्य यही है कि सूखे की वज़ह, या अन्य किसी कारण से प्रदेश के आम किसानों को सिंचाई में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, और साथ ही भूमि में जलस्तर सामान्य बना रहे।

पात्रता

सभी वर्गों के किसान बलराम तालाब योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। शर्त बस यह है कि उस किसान के खेत में पहले से ‘स्प्रिंकलर इरीगेशन सिस्टम’ स्थापित हो, और वह चालू हालत में हो। भूमि संरक्षण सर्वेक्षण अधिकारी इसकी जांच व तस्दीक करता है। इन सबके अलावा यह भी अनिवार्य है कि किसान अपनी ही खेत पर खेती कर रहा हो। खेती की भूमि कब्जा, अतिक्रमण आदि अवैध तरीकों से न अधिकृत की गई हो।

सब्सिडी और लाभ

बलराम तालाब योजना में हर वर्ग के किसानों के लिये अलग-अलग अनुदान-राशि का प्रावधान है। सामान्य वर्ग के किसानों के लिये यह तालाब-निर्माण की कुल लागत का 40 प्रतिशत और अधिकतम 80 हजार रूपये है। लघु व सीमांत कृषकों हेतु यह अनुदान उनकी कुल लागत का पचास फ़ीसदी मिलता है, हालांकि यहां भी अधिकतम सीमा 80 हजार ही है। जबकि अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों के लिये लागत के ७५ फ़ीसदी व अधिकतम एक लाख रूपये अनुदान-राशि प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा यदि किसी किसान के पास फिलवक्त बिलकुल पैसे नहीं हैं, तो वह बलराम तालाब योजना के माध्यम से ऋण अर्थात् लोन लेने के लिये भी आवेदन कर सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

बलराम तालाब योजना के लाभ कृषकों तक पहुंचाने के लिये ‘मध्य प्रदेश उद्दानिकी विभाग’ द्वारा जिलेवार तय लक्ष्यों के मुताबिक समय-समय पर सूची ज़ारी की जाती है। जब भी इसके आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं तो इस सूचना को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया जाता है। जिसके अनुसार आवेदन कर किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

बलराम तालाब योजना से जुड़ने और उसका लाभ पाने के लिये ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प भी मौज़ूद है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिये आवेदनकर्ता ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ से जुड़े ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ पर जा सकता है। या फिर किसान एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी आवेदन कर सकता है। इस संबंध में और अधिक व विस्तृत जानकारियां पाने के लिये किसानों को अपने जनपद के ‘जिला कृषि-अधिकारी’ से संपर्क करना चाहिये।

बलराम तालाब योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन हेतु

1- इस योजना में आवेदन करने के लिये सबसे पहले आपको

मध्य प्रदेश शासन की ‘किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय’ की आधिकारिक वेबसाइट ”http://dbt.mpdage.org” पर जाना होगा।

2- यहां आपको ‘बलराम तालाब योजना’ के तहत आवेदन-पत्र भरने का विकल्प दिखता है, इस पर क्लिक करना होता है।

3- क्लिक करते ही आपके सामने योजना से संबंधित आवेदन-फॉर्म खुलकर आ जाता है।

4- इसमें मांगी गईं जानकारियां जैसे नाम,पता,खेत की जोत आधार और मोबाइल नं. आदि भरकर, और ज़ुरूरी दस्तावेज़ों को संलग्न यानी अपलोड करके नियम व शर्तें वाले विकल्प को स्वीकृत यानी ‘एक्सेप्ट’ करें।

5- इसके बाद ‘सबमिट’ के विकल्प पर क्लिक करते ही आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

इसके बाद समय-समय पर आवेदन की स्थिति की जानकारी कृषि विभाग से आरटीआई द्वारा प्राप्त की जा सकती है। इसके लिये कृषि विभाग की आरटीआई साईट भी डाउनलोड की जा सकती है।

ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया

मध्य प्रदेश के किसानों को बलराम तालाब योजना के अंतर्गत ऑफलाइन अर्थात् सीधे व प्रत्यक्ष आवेदन करने के लिये ‘क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी’ के पास अपना आवेदन-फॉर्म जमा करना होता है। जिसके बाद जिला-पंचायत स्तर से स्वीकृत होने पर किसान अपने खेत में तालाब, तलैया अथवा डिग्गी आदि का निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इसका निरीक्षण करना ‘भूमि संरक्षण विभाग’ के जिम्मे होता है। यहां गौरतलब है कि ऑफलाइन प्रक्रिया “पहले आओ-पहले पाओ” के सिद्धांत पर संपन्न होती है।

इसके अलावा यदि किसी किसान के पास अत्यंत धनाभाव है, और तालाब के निर्माण में वह अपनी ओर से फिलहाल कुछ भी योगदान करने में सक्षम नहीं है, तो बलराम तालाब योजना के अंतर्गत उसे ऋण यानी ‘लोन’ की सुविधा भी दी जाती है। जिसमें अनुदान की राशि घटाकर बाकी रूपये पर ब्याज सहित देय रकम तय की जाती है। यह ऋण चुकाने के लिये लाभार्थी किसान को सात वर्ष का मौका मिलता है; और इस पर ब्याज जुड़ने की अवधि ऋण प्राप्त होने के दो साल बाद से शुरू होती है।

इस तरह स्पष्ट है कि बलराम तालाब योजना, या खेत-ताल योजना किसानों को सिंचाई संबंधी दुश्वारियों से निजात दिलाने में बहुत कारगर है। जिसका फ़ायदा सभी वर्गों के किसान उठा सकते हैं। और इस तरह अपनी उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही धरती के सामान्य जल-स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला सकते हैं। जो दीर्घकाल में कृषि ही नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिये मुफ़ीद साबित होगा। इसलिये किसान समुदाय को आगे आकर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ लेना चाहिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published.