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Hindi – Indira Grah Jyoti Yojana 2021 Madhya Pradesh

नागरिकों पर बढ़ते हुये बिजली-बिल के बोझ पर नियंत्रण के साथ ही उन्हें बिजली खर्च में किफायत के लिये प्रोत्साहित करने हेतु मध्य प्रदेश ने सरकार मार्च, २०१९ में ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ अर्थात् IGJY की घोषणा की, जो उसी वर्ष अप्रैल से लागू भी कर दी गई। इसके तहत लोगों को एक निश्चित सीमा तक बिजली बहुत ही सस्ती दर में मुहैया कराई जायेगी। जिसके विभिन्न सकरात्मक परिणाम दिखेंगे। इससे न केवल विद्दुत-उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला अनावश्यक बिजली-खर्च कम होगा, बल्कि वे अनावश्यक तौर पर बिजली न खर्च करने हेतु भी प्रोत्साहित होंगे।

इस योजना के तहत लोगों को सौ यूनिट तक के बिजली व्यय पर एक रू. प्रति यूनिट के हिसाब से कुल सौ रूपये ही देने होंगे। लेकिन इससे अधिक विद्दुत खर्च करने पर सामान्य दर से ही भुगतान करना होगा। हालांकि 150 यूनिट तक अधिकतम देय शुल्क 385/- रूपये रखा गया। इसके ऊपर बिजली उपयोग करने पर इस योजना का लाभ न मिल पायेगा।

इसके अलावा सरकार ने एससी-एसटी नागरिकों के लिये विशेष व्यवस्था यह की है, कि यदि उनकी परिवार माह भर में तीस यूनिट तक ही बिजली का उपभोग करता है तो उसका बिल मात्र पच्चीस रूपये 25/- प्रतिमाह होगा। और एससी-एसटी समुदाय वाले ऐसे परिवार को  यह बिल हर माह नहीं बल्कि चार महीने में एक बार ही आयेगा।

गौरतलब है कि इसका योजना से पहले सौ व डेढ़ सौ यूनिट बिजली का बिल क्रमशः 634/- व 918/- रूपये बनता था। अब ‘मध्य प्रदेश इंदिरा गृह ज्योति योजना’ के तहत कीमत के इस अंतर को सरकारी सब्सिडी द्वारा भर दिया जायेगा। इस योजना के माध्यम से सरकार प्रतिवर्ष करीब पांच हजार करोड़ की सब्सिडी लोगों तक पहुंचाती है। इस योजना का लाभ लेने हेतु इसके लिये पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

‘मध्य प्रदेश इंदिरा गृह ज्योति योजना’ का लाभ लेने हेतु पात्रता —

1- लाभार्थी को मध्य प्रदेश का निवासी चाहिये।

2- यह योजना सूबे में रहने वाले समाज के सभी वर्गों के लिये है। मध्य प्रदेश की सीमा में रहने वाले सभी लोग, फिर वे किसी भी जाति, धर्म, समुदाय, व्यवसाय से जुड़े हों, यदि वे सौ यूनिट से कम विद्दुत-उपभोग करते हैं, तो वे ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ में लाभ लेने के हकदार हैं।

3- राज्य-सरकार द्वारा पहले लाई गई ‘मुख्यमंत्री सरल बिजली बिल योजना’ व ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना’ के लाभार्थी पात्रों को भी 2019 में लागू ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ का पात्र माना गया। हालांकि इसका नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण नया सवेरा योजना’ रख दिया गया।

 योजना में शामिल होने हेतु आवश्यक कागजात —

1- मूल निवास प्रमाण-पत्र — जैसा कि स्पष्ट है, चूंकि ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। इसलिये उपभोक्ता को आवेदन के वक़्त ‘मूल निवास प्रमाण-पत्र’ दिखाना अनिवार्य होगा, और इसकी एक फोटोकॉपी जमा भी करनी होगी।

2- बिजली-कनेक्शन — जैसा कि स्वाभाविक है, लाभार्थी के नाम पर बिजली का कनेक्शन होना अनिवार्य है। आवेदन के समय आवेदक को अपनी पुरानी बिजली-बिल की कॉपी और उसकी अनुक्रमांक संख्या देनी होती है।

3- पहचान का प्रमाण-पत्र — लाभार्थी को अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिये आवेदन के वक़्त फोटो पहचान पत्र, आधार अथवा ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी जमा करनी होगी। कोई परेशानी न हो इसके लिये दस्तावेज़ जमा करने के पहले उसमें दर्ज़ नाम, जन्मतिथि आदि जानकारियों की जांच व तस्दीक कर लें।

4- श्रमिक नया सवेरा कार्डधारक — जिन नागरिकों के पास पूर्व में सरकार द्वारा संचालित योजना का ‘संबल-कार्ड’ है, उन्हें इसे अपडेट करना होगा। क्योंकि अब संबल-कार्ड की जगह ‘नया सवेरा कार्ड’ बनता है। ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना’ का लाभ लेने हेतु यही नया कार्ड मान्य होगा।

‘मध्य प्रदेश इंदिरा गृह ज्योति योजना’ में फॉर्म आवेदन अथवा पंजीकरण की प्रक्रिया

 1- इसमें पंजीकृत होने के लिये सबसे पहले आपको ‘मध्य प्रदेश इंदिरा गृह ज्योति योजना’ की आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल पर जाना होगा। जिसकी पता है — http://www.mpenergy.nic.in/hi/emaoyauu

2- यहां आपको आवेदन फॉर्म, और उससे जुड़ी सभी जानकारियां मिलेंगी। फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें।

3- फॉर्म को कायदे से भरने के बाद मांगे गये ज़ुरूरी दस्तावेज़ों को भी उसके साथ संलग्न करके जमा यानी ‘सबमिट’ करें।

इस तरह आप ‘मध्य प्रदेश इंदिरा गृह ज्योति योजना’ में अपना पंजीकरण कराकर उसका लाभ पा सकते हैं।