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Hindi – Mukhyamantri PYAJ Protsahan Yojana Madhya Pradesh

प्याज ऐसी संवेदनशील कृषि-उपज है जिसकी कीमतों में आश्चर्यजनक उतार-चढ़ाव अक्सर देखने में आता है, कभी-कभी तो इनकी कीमतें आसमान छूने लगती हैं, यह बात और है कि इसका लाभ बहुधा किसानों की बजाय बिचौलिये ही उठाते हैं। क्योंकि किसान का प्याज जब अप्रैल-मई के आसपास खेत से निकलकर बाजार में आता है उस समय इसका दाम बहुत कम होता है। पर उसी साल के दूसरे दौर में यह काफी महंगा भी हो सकता है। लेकिन किसान प्याज के दामों में आई इस तेजी का कोई लाभ नहीं पाता; वह तो मंदी के समय ही अपनी फसल बाजार में बेच चुका होता है।

प्याज की खेती करने वाले किसानों की इसी दुविधा को देखते हुये मध्य प्रदेश सरकार मार्च, 2019 में ‘मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना’ लेकर आई। जिसके तहत प्याज का न्यूनतम मूल्य 800/- रूपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया। इससे कम की दर पर यदि किसान को अपना प्याज बेचना पड़ता है, तो उसे नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जायेगी। पर इसके लिये उस किसान का इस योजना के तहत पंजीयन होना अनिवार्य है। साथ ही मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी विपणन समितियों, कृषि उत्पादक संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र व निजी संस्थानों और व्यापारियों से भी आग्रह किया जायेगा कि वे किसानों से निर्धारित कीमत से कम में प्याज न खरीदें।

मध्य प्रदेश की मंडियों में अक्सर यह देखने में आता है कि जब यहां प्याज के भाव काफ़ी नीचे होते हैं, ठीक उसी समय आसपास की दिल्ली, लखनऊ, कानपुर आदि मंडियों में किसानों को अच्छे दाम मिल रहे होते हैं। ऐसा अमूमन प्रदेश की मंडियों में, किसी भी कारण से, प्याज की ज्यादा आवक के चलते ही होता है। इसलिये ‘मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत उन व्यापारियों को 75 फ़ीसदी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, जो सूबे के किसानों से उचित मूल्य पर प्याज खरीदकर उसे बाहर बेचते हैं।

मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना के प्रमुख लाभ संक्षेप में इस तरह हैं

 1- इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य 800/- रू. प्रति क्विंटल तय कर दिया गया।

2- योजना के तहत पंजीकृत किसान को यदि भाव कम रहते अपनी फसल बेचनी पड़ती है, तो उसे कीमतों के इस अंतर की भरपाई सरकार द्वारा की जायेगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक-खातों में डाल दी जायेगी।

3- जो प्रदेश के किसानों से 800/- रू. प्रति क्विंटल या उससे अधिक की दर पर प्याज खरीदकर बाहर बेचते हैं, सरकार द्वारा उन व्यापारियों को परिवहन व भंडारण के लिये 75 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा।

4- इसके अलावा मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना के अनुसार, यदि व्यापारी सहकारी विपणन समितियों अथवा कृषक उत्पाद संगठनों से प्याज खरीदकर सूबे के बाहर बेचते हैं, तो परिवहन व भंडारण का कुल खर्च राज्य-सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना में आवेदन हेतु पात्रता

1- आवेदक को मध्य प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिये।

2- आवेदनकर्ता का ‘मध्य प्रदेश ई-उपार्जन’ वेबसाइट पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।

इसलिये ‘मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना’ का लाभ लेने के इच्छुक नागरिकों ने यदि अभी तक यह पंजीयन नहीं करवाया है, तो उन्हें चाहिये कि वे ज़ल्द से ज़ल्द ऐसा कर लें।

भावान्तर की राशि का भुगतान कैसे प्राप्त करें

 1- मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना के तहत अनुदान अथवा अपना क्षतिपूरक भुगतान पाने के लिये योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा चुके लोगों को सबसे पहले तो उस पंजीकरण केंद्र पर जाकर अपना “पंजीयन-कोड” प्राप्त करना होता है।

2- इसके बाद पंजीकृत हुये मोबाइल नं. पर एसएमएस के ज़रिये, भावान्तर की वह भुगतान राशि लाभार्थी के खाते में कब और कितनी पहुंची, इसकी जानकारी दे दी जाती है।

3- फिर निश्चित की गई तारीख़ पर लाभार्थी को वसूली-केंद्र पर पहुंचकर इस भुगतान की रसीद ले लेनी होती है।

ज़ाहिर है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना’ से प्याज की खेती कर रहे किसानों को बहुत सहूलियत मिलेगी। यही नहीं, यह योजना प्याज का निर्यात करने वाले व्यापारियों के लिये भी काफ़ी मुफ़ीद है। इससे प्याज के किसानों की आय सुनिश्चित करना सुगम होगा। हालांकि इसके लिये सरकार की मुस्तैदी के अलावा उन्हें स्वयं आगे आकर अपना पंजीकरण कराने की ज़ुरूरत होगी। मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना की सफलता तभी सुनिश्चित होगी।

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