छत्तीसगढ़ की प्रमुख सामजिक – आर्थिक योजनाएं एवं कार्यक्रम – Social and Economic Schemes and Programs of Chhattisgarh in Hindi

Here you will find complete information about Major social and Economic schemes and Programs of Chhattisgarh in Hindi


यहाँ हमने छत्तीसगढ़ की प्रमुख सामाजिक व् आर्थिक योजनाएं एवं कार्यक्रम जैसे, नोनी सुरक्षा , सुखद सहारा, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा , वन स्टॉप सेंटर (सखी), शाकम्भरी योजना , मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ , राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ (NRLM) , मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना , सरोवर धरोहर योजना , ज्ञानस्थली योजना , महिला समृद्धि बाजार, सरस्वती साइकिल , मुख्यमंत्री कन्यादान , आयुष्मती , शक्तिस्वरूपा , सक्षम , स्वावलंबन , ई-केरोसिन व् गौरव योजना की संक्षिप्त में जानकारी प्रकाशित कीं है जोकि आपकी अगली परीक्षा के लिए सहायक होंगी।


छत्तीसगढ़ की प्रमुख सामाजिक – आर्थिक योजनाएं एवं कार्यक्रम – Major social-economic schemes and programs of Chhattisgarh

नोनी सुरक्षा योजना – राज्य में घटते बाल लिंगानुपात तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच बढाने के उद्देश्य से 1 अप्रैल, 2014 से नोनी सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई. इस योजना के तहत 1 अप्रैल, 2014 के बाद जन्मी बालिकाओं का 18 वर्ष तक की आयु के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम के सहयोग से बीमा किया जाएगा. प्रतिवर्ष 5 हजार रुपए तीन वर्ष तक शासन द्वारा जमा किए जाएंगे और 18 वर्ष की आयु पूरी करने के पश्चात 1 लाख रुपए की राशि बालिका को दी जाएगी. योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के मुखिया का नामे गरीबी रेखा की सर्वे सूचि में होना चाहिए.


सुखद सहारा योजना – छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में सुखद सहारा योजना के तहत छत्तीसगढ़ की ढाई लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है, इस योजना में गरीबी रेखा श्रेणी परिवार की 18 से 39 वर्ष आयु वर्ग की विधवा महिलाओं और 18 वर्ष या अधिक आयु की परित्यकता महिलाओं को प्रति हितग्राही 350 रुपए के हिसाब से पेंशन दी जा रही है.


मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना – बुजुर्गो के सम्मान और उनकी इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में 15 जनवरी, 2013 से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना शुरू की गई. इस योजना के तहत प्रदेश के वरिष्ठजन जीवनकाल में एक बार अपनी इच्छा के अनुरूप देश के प्रमुख तीर्थों का दर्शन कर सकते है. पहले इस योजना में राज्य के केवल 60 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया था, लेकिन वर्ष 2014-15 से 18 वर्ष से अधिक आयु के नि:शक्त व्यक्तिर्यों (40 प्रतिशत से अधिक नि:शक्तता से ग्रस्त) को भी इस योजना में शामिल किया गया.


वन स्टॉप सेंटर (सखी) – पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए देश का पहला वन स्टॉप सेंटर 16 जुलाई, 2015 को रायपुर में शुरू किया गया. इस सेंटर में घरेलु हिंसा, यौन – उत्पीडन , लेंगिक हिंसा, दहेज़ उत्पीडन, तेज़ाब, डायन/टोनही के नाम पर प्रताड़ित , अवेध मानव व्यापर, बाल विवाह , लिंग चयन , भ्रूण हत्या तथा सटी प्रथा आदि से पीड़ित सभी वर्ग की महिलाओं को सलाह, सहायता, मार्गदर्शन और संरक्षण दिया जाएगा . इस केंद्र में घर के भीती या बहार अथवा किसी भी रूप में पीड़ित व् संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत्त के निचे एकीकृत प्रकार की सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, अन्य श्रेणी की जरूरतमंद महिलाओं की चिकित्सा, विधिक सहायता, मनोवेज्ञानिक सलाह, मनोचिकित्सा परामर्श की सुविधा मिलेगी. इस सेंटर को सखी के नाम से जाना जाएगा.


शाकम्भरी योजना – राज्य शासन द्वारा वर्ष 2005-06 से लघु एवं सीमान्त वर्ग के किसानों के स्वयं सिंचाई संसाधन विकास हेतु शाकम्भरी योजना चलाई जा रही है, जिसमें किसानों को 5 एच.पी. तक के विधुत/डीजल चालित/केरोसिन पम्प पर 75% अनुदान तथा उपनिर्माण पर 50% अनुआन उपलब्ध कराया जाता है.


मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना – इस योजना के अंतर्गत ऐसी ग्राम पंचायत या आश्रित ग्राम जहाँ गलियों में कीचड़ की समस्या हो, वहां शेहरी क्षेत्रो की तर्ज पर कंक्रीट सड़क सह नाली का निर्माण किया जाएगा. वर्ष 2014-15 में इस योजना हेतु 450 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.


राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ (NRLM) – स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना का पुनर्गठन कर इसे समाप्त करते हुए दिनांक 1-4-2013 से राष्ट्रिय ग्रामीण आजीविका मिशन सम्पूर्ण प्रदेश में लागू किया गया है. योजनान्तर्गत वित्त पोषण केंद्र तथा राज्य के मध्य 75 : 25 के अनुपात में किया जाता है. इस योजना का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार के अवसरों का सर्जन कर ग्रामीण परिवारों की गरीबी दूर करना है.


मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना – यह योजना 23 अप्रैल, 2011 से लागी की गई है. इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में ऐसी बसावटों , जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मापदंडो में नहीं आती है. बारहमासी सड़क से जोड़ने का प्रावधान रखा गया है. इस योजना के अंतर्गत अब तक 1019 सड़कें, लम्बाई 3379-38 किमी. लागत 1478-67 रुपए करोड़ की स्वीकृति जारी की जा चुकी है. वर्ष 2014-15 में इस योजना हेतु 400-00 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.


सरोवर धरोहर योजना – शेहरी क्षेत्रो में स्थित तालाबों के पुनरुद्धार, गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं पर्यावरण सुधार की दृष्टि से सरोवर धरोहर योजना प्रारंभ की गई है. इस योजना में प्रति हेक्टेयर 11.90 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है. वर्ष 2014-15 में 25 तालाबों हेतु 719.17 लाख की स्वीकृति से कुल स्वीकृत 590 परियोजनाओं में 105.81 करोड़ रुपए व्यय कर 473 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी है.


ज्ञानस्थली योजना – राज्य के शहरी क्षेत्रो में स्थित विधालयों के जीर्णोद्वार तथा अतिरिक्त कमरों के इरमा हेतु यह योजना लागू की गई है. इस योजना में प्राथमिकशाला के लिए 5.25 लाख रुपए , माध्यमिकशाला के लिए 7.35 लाख, रुपए उच्चतर माध्यमिकशाला के लिए 8.65 लाख रुपए तथा महाविधालय के लिए 9.70 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है . वर्ष 2014-15 में कुल 19 कार्यों हेतु 135.३७ लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई .


महिला समृद्धि बाजार योजना – राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंग के रूप में प्रदेश की शिक्षित बेरोजगार महिलाओं को सस्ता, सुरक्षित एवं मुलभुत सुविधायुक्त बाजार उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल, श्रम द्वारा तैयार उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से महिला समृद्धि बाजार योजना प्रथम चरण में प्रदेश के 50.000 से अधिक जनसँख्या वाले नगरीय निकायों में लागू की गई है. योजनान्तर्गत प्रस्तावित दुकानों की लागत को ध्यान में रखते हुए 50% अनुदान एवं 50% ऋण उपलब्ध कराया जाता है. निर्मित दुकानों को नगरीय निकाय निर्धारित अमानत राशि एवं मासिक किराय में पात्र हितग्राहियों को व्यवसाय हेतु आवंटित किया जाता है.


सरस्वती साइकिल योजना – इस योजना में सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में कक्षा 9वीं के शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विधालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाती, जनजाति, बी.पी.एल. परिवार की छात्राओं को शाला आवागमन की सुविधा प्रधान करने एवं बालिका आवागमन की सुविधा प्रदान करने एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है. वर्ष 2013-14 में 3550 लाख रुपए का आवंटन एवं 2783.52 लाख रुपए का व्यय किया गया है तथा इस योजना के अंतर्गत कुल 110839 छात्राएं लाभान्वित हुई.


मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – इस योजना का मुख्य उद्देश्य निर्धन परिवारों को कन्या के विवाह के सन्दर्भ में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण करना, विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना एवं सादिगिपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देना है. इस योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाहों के माध्यम से निर्धनों के मनोबल/आत्मसम्मान में वृद्धि एवं उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार के प्रयास किए जाते है. इसके अंतर्गत प्रति कन्या 15,000 रुपए की सहायता का प्रावधान है.


आयुष्मती योजना – इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रो की भूमिहीन/गरीबी रेखा के निचे जीवनयापन करने वाली परिवार की महिलाओं को शासकीय अस्पतालों में एक सप्ताह तक उपचार हेतु भारती रहने पर 400 रुपए तक तथा एक सप्ताह से अधिक भर्ती रहने पर 1,000 रुपए तक की चिकित्सा आहार आधी उपलब्ध कराया जाता है. रोगी महिला के साथ आए परिचारक को भी सुविधाजनक विश्राम तथा दो समय के भोजन की सुविधा दी जाती है.


शक्तिस्वरूपा योजना – विधवा तथा तलाकशुदा महिलाओं की जीविकोपार्जन तथा आर्थिक स्वावलम्बन के लिए नवीन शक्तिस्वरूपा योजना वित्तीय वर्ष 2009-10 में राज्य के बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाडा, सुकमा, कोडागांव तथा बीजापुर जिले में प्रारंभ की गई . इस योजना के अंतर्गत सहायता प्रावधान तीन भागो में विभक्त है-
=> स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु ऋण में सब्सिडी.
=> व्यावसायिक / तकनिकी प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता.
=> व्यावसायिक उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता.


सक्षम योजना – छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा वर्ष 2009-10 में सक्षम योजना आरम्भ की गई. इस योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाएं जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है अथवा 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाओं अथवा कानूनी तौर पर तलाकशुदा महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय आरम्भ करने हेतु आसान शर्तो पर 1 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है. उक्त ऋण की वापसी 5 वर्षो में 6.5 प्रतिशत साधारण वार्षित ब्याज दर पर आसान किश्तों में की जाती है.


स्वावलंबन योजना – छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा वर्ष 2009-10 में स्वावलम्बन योजना प्रारंभ की गई. इस योजना के अंतर्गत निर्धन वर्ग की ऐसी महिलाओं को जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है अता अथवा कानूनी तौर पर तलाकशुदा हो अथवा जो 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाएं है. व्यवसाहिक दक्षता प्रदान कर उनके स्वावलम्बी बनने के आधार हेतु आय उपार्जन गतिविधि का प्रशिक्षण नि:शुल्क प्रदान किया जाता है. इस योजना के अंतर्गत प्रति हितग्राही 5 हजार रुपए तक की अधिकतम व्यय सीमा निर्धारित की गई है .


ई-केरोसिन योजना – उचित मूल्य दुकानों को केरोसिन आवंटन एवं प्रदाय प्रक्रिया को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने हेतु राज्य शासन द्वारा ई-केरोसिन योजना अगस्त 2012 से प्रारंभ की गई है. इस योजना के अंतर्गत राज्य स्तर से उचित मूल्य दुकानों से संलग्न राशन कार्डों की संख्या के आधार पर ऑनलाइन दुकानवार आवंटन जारी किया जा रहा है.


छत्तीसगढ़ गौरव योजना – छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के ऐसे महापुरुषों, जोंहोने अपने कार्यों से प्रदेश का गौरव बढाया है, के सम्मान में छत्तीसगढ़ गौरव योजना प्रारंभ की है. योजना के तहत इन महानुभावों की जन्मभूमि व् कर्मभूमि रहे गावों का समग्र विकास कर उन्हें समस्यामुक्त किया जाएगा. इसके लिए 42 गावों का चयन राज्य शासन द्वारा फिलहाल किया गया है. स्वतंत्रता सेनानी बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के ग्रह ग्राम कंडेल में इस योजना का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दिसंबर 2005 में किया था.