मेक इन इंडिया (Make in India) क्या है| इसका लक्ष्‍य और इसके बारे में अन्य जानकारी


मेक इन इंडिया भारत सरकार द्वारा देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में ही वस्तुओं के निर्माण पर ज़ोर देने के लिए बनाया गया है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितम्बर 2014 को किया था।. जिसके तहत विदेशों के कई निवेशकों को भारत में विभिन्न व्ययसायों में पैसा लगाने के लिये एक अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 29 दिसंबर 2014, एक कार्यशाला औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग जो मोदी, उनके मंत्रिमंडल के मंत्रियों और राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ ही विभिन्न उद्योग के नेताओं ने भाग लिया द्वारा आयोजित किया गया था।

मेक इन इंडिया का लक्ष्‍य

1. मध्‍यावधि की तुलना में विनिर्माण क्षेत्र में 12-14 प्रतिशत प्रतिवर्ष वृद्धि करने का लक्ष्‍य।
2. विनिर्माण क्षेत्र में 2022 तक 100 मिलियन अतिरिक्‍त रोजगार सृजित करना।
3. देश के सकल घरेलू उत्‍पाद में विनिर्माण की हिस्‍सेदारी 2022 तक बढ़ाकर 16 से 25 प्रतिशत करना।
4. घरेलू मूल्‍य संवर्द्धन और विनिर्माण में तकनीकी ज्ञान में वृद्धि करना।
5. भारतीय विशेष रूप से पर्यावरण के संबंध में विकास की स्थिरता सुनिश्चित करना।
6. ग्रामीण प्रवासियों और शहरी गरीब लोगों में समग्र विकास के लिए समुचित कौशल का निर्माण करना।
7. भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा में वृद्धि करना।

मेक इन इंडिया के बारे में अन्य जानकारी

1. अगले दो तीन दशकों तक यहां की जनसंख्‍या वृद्धि उद्योगों के अनुकूल रहेगी। जनशक्ति काम करने के लिए बराबर उपलब्‍ध रहेगी।
2. भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था के रूप में अपनी हाजिरी दर्ज करा चुका है।
3. विदेशी निवेशकों के लिए बाजार खुला हुआ है और यह काफी अच्‍छी तरह से विनियमित है।
4. अन्‍य देशों के मुकाबले यहां जनशक्ति पर कम लागत आती है।
5. घरेलू मार्किट में यहां तगड़ा उपभोक्‍तावाद चल रहा है।
6. यह देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल होने वाला है और उम्‍मीद की जाती है कि वर्ष 2020 तक यह दुनिया की सबसे बड़ा उत्‍पादक देश बन जाएगा।
4. इस देश में तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षमताएं मौजूद है और उनके पीछे वैज्ञानिक और तकनीकी संस्‍थानों का हाथ है।
5. यहां के व्‍यावसायिक घराने उत्‍तरदायित्‍वपूर्ण ढंग से, भरोसेमंद तरीकों से और व्‍यावसायिक रूप से काम करते हैं।

संछिप्त में जाने

सरकार योजना – 25 सितंबर 2014 को भारत में प्रधान मंत्री द्वारा शुरू किया गया था।

मुख्य उद्देश्य बहु-राष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों को भारत में अपने उत्पादों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था के 25 क्षेत्रों में रोजगार सृजन और कौशल वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना है।

इस पहल का लक्ष्य चालू वर्ष 2025 तक अपने वर्तमान 16% से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 25% तक विनिर्माण क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने का है।

इस पहल को चार स्तंभों पर बनाया गया है: नई प्रक्रियाएं, नई बुनियादी सुविधा, नए क्षेत्रों और नई मानसिकता।

आधिकारिक वेबसाइट: http://www.makeinindia.com

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