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Mukhyamantri Jankalyan Shiksha Protsahan Yojana 2021

नमस्कार मित्रों आज हम चर्चा करने वाले हैं मुख्यमंत्री जन कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना की.

मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना 2021

मुख्यमंत्री जन कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा चलाई गई एक ऐसी योजना है जिसके अंतर्गत वे समस्त श्रमिक वर्ग जो मध्य प्रदेश शासन के श्रमिक विभाग में पंजीकृत हैं उनके बच्चों के अध्ययन का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी या उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करेगी मध्य प्रदेश श्रम विभाग में पंजीकृत समस्त श्रमिकों के बच्चे अगर आगे चलकर स्नातक पॉलिटेक्निक डिप्लोमा आईटीआई में एडमिशन लेते हैं तो वे इसका लाभ ले सकते हैं

मुख्यमंत्री जन कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना का प्रमुख उद्देश्य गरीब तबके के कामगारों के बच्चों को अच्छी एवं उच्च शिक्षा दिलाना है जिससे वह सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम हो सके और आर्थिक तंगी की वजह से उच्च शिक्षा से वंचित ना रहे

महत्वपूर्ण दस्तावेज –

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय का प्रमाण
  • आयु का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर ईमेल आईडी
  • बैंक खाता विवरण
  •  राशन कार्ड

महत्वपूर्ण बिंदु –

1). मध्य प्रदेश जन कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई एक अति महत्वपूर्ण योजना है।

2). इसके लाभार्थी वे विद्यार्थी होंगे जिनके माता-पिता श्रम विभाग में असंगठित कामगार के रूप में नाम अंकित है.

3). वे सभी छात्र जो इस योजना के पात्र हैं अगर वह किसी भी तरह के डिप्लोमा ग्रेजुएशन यह पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन लेते हैं तो उनकी शिक्षण शुल्क राज्य सरकार के द्वारा वहन की जाएगी

4). उपरोक्त सभी पाठ्यक्रमों के लिए समग्र शिक्षा शुल्क एवं समस्त अन्य खर्च राज्य सरकार ही देगी

5). इस योजना के अंतर्गत महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र एवं छात्राओं के ट्यूशन एवं कोचिंग के शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार ही प्रदान करहैं।

6). इस योजना से किसी भी विद्यार्थी को पठन-पाठन में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा एवं इससे बेरोजगारी दर में भारी गिरावट होगी एवं इससे मध्य प्रदेश के समस्त निम्न वर्ग के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा.

पात्रता मापदंड –

1). आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है.

2). लाभार्थी के माता-पिता मध्य प्रदेश शासन के श्रम विभाग में असंगठित कामगार के रूप में नामांकित होने चाहिए

3). यदि छात्रों के द्वारा नीट का एग्जाम क्लियर करके किसी भी गवर्नमेंट या प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लिया जाता है तो वह इस योजना के लाभार्थी हो सकते हैं.

4). यदि छात्र जेईई क्लियर करके इसमें डेढ़ लाख रैंकिंग के अंदर आते हैं तो वे किसी भी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में एडमिशन प्राप्त करके सभी शिक्षण शुल्क से मुक्त होकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

निम्न तबके एवं श्रमिक वर्गों को ऊपर उठाने एवं उन्हें शिक्षित तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम करने के लिए सरकार द्वारा यह एक बहुत ही अच्छी पहल है अगर आप इसके बाद रहे तो जल्दी करिए यह एक बहुत ही अच्छी योजना है.

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