प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pardhan Mantri Mudra Yojna) क्या है इसके प्रकार, लाभ और अन्य जानकारी

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का मुद्रा ऋण देश के गैर कॉर्पोरेट छोटे व्यापारों के वित्त जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार का उपक्रम है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 8अप्रैल 2015 को नई दिल्ली में की थी. इस योजना के तहत मनीकंट्रोल कॉम के अनुसार, लगभग 1,65,000 लोग लाभ उठाने के सरकार ने 1 सितंबर 2015 से इस योजना के लिए अमरीकी डालर $ 157,400,000 जुटाए है

मुद्रा योजना के तहत ऋण के तीन प्रकार हैं

1. शिशु: 50,000/ – रुपये तक के ऋण ले सकता है
2. किशोर: 50,000 / – रुपये के ऊपर और 5 लाख रूपए तक ऋण ले सकता है
3. तरुण: 5 लाख रूपये से ऊपर और 10 लाख रुपये तक के ऋण ले सकता है
ये तीनों श्रेणीयां लाभार्थियों को विकास और वृद्धि में मदद करेगी।

वर्तमान में मुद्रा योजना के तहत ऋण निम्नलिखित द्वारा दिए जा रहे हैं

25 गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं द्वारा
17 निजी बैंकों द्वारा
4 सहकारी बैंकों द्वारा
27 पब्लिक बैंकों द्वारा
31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा
36 माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं द्वारा

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभ

1. मुद्रा स्कीम के तहत सामान्यत: बिना गारंटी के लोन प्रदान किये जाते हैं
2. Working Capital Loan को Mudra Card के द्वारा प्रदान किया जा सकेगा|
3. मुद्रा लोन की पुनः भुगतान अवधि को 5 वर्ष तक बढाया जा सकता हैं|
4. मुद्रा योजना के तहत लोन प्रदान करने में किसी भी तरह की Processing Fees चार्ज नहीं की जाती हैं|

संछिप्त जानकारी

8 अप्रैल 2015 को प्रधान मंत्री द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की शुरूआत की गई।

मुड़्रा माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रीफिनेंस एजेंसी के लिए खड़ा है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों के क्षेत्र के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

इस योजना के अंतर्गत 3 श्रेणियां हैं:

शिशु: ₹ 50,000 तक ऋण (यूएस $ 740)
किशोर: ₹ 50,000 (यूएस $ 740) से लेकर 5 लाख (यूएस $ 7,400) तक की ऋण
तरन: ₹ 5 लाख (यूएस $ 7,400) से ऊपर और ₹ 10 लाख (यूएस $ 15,000) से कम ऋण

इस केंद्र सरकार की योजना में सुविधाओं के लिए मुड़रा इकाइयों (सीजीएफएमयू) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना शामिल है जिसमें बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई और अन्य वित्तीय मध्यस्थों को क्रेडिट जोखिम को कम करने के उद्देश्य से सदस्य ऋण संस्थान (एमआईआई) हैं।

मुड़ा बैंक लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के तहत काम करेगा।

मुड़्रा बैंक को प्रारंभिक कोष के रूप 20,000 करोड़ में शुरू किया गया है।

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