प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana) क्या है और अन्य जानकारी

1. मानसून पर खेती की निर्भरता कम करने के उद्देश्य से सरकार ने हर खेत को पानी पहुँचाने के लिये प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना स्वीकृत की है। इस योजना में तीन मंत्रालयों, नामतः जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय की विभिन्न जल संरक्षण, संचयन एवं भूमिजल संवर्धन तथा जल वितरण सम्बन्धित कार्यों को समेकित किया गया है।
2. जैसा कि आपको पता है हमारे देश में आधे से ज्यादा लोगो का रोजगार कृषि पर आधारित है। लेकिन उन्हें पानी की कमी की वजह से वहुत कठनाईयो का सामना करना पड़ता है पानी की कमी की बजह से उनकी फसले ठीक से नहीं हो पाती जिससे कि उन्हें काफी नुकसान होता है इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक योजना की सरुअत की जिसका नाम प्रधान मंत्री कृषि सिचाई योजना रखा गया।
3. इस योजना की शरुआत सन 2015 में की इस योजना में सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये लगने की सोचा है देश में कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 65 प्रतिशत में सिंचाई के योग्य भूमि नहीं है इसलिए सरकार चाहती है जो भूमि कृषि योग्य नहीं है उसे कृषि योग्य बनाया जाये ।
4. अबतक जो अनुमान लगाया गया है उसके हिसाब से 142 मिलियन हैक्टेयर भूमि है भारत में जिसमे से 45% भूमि है उसमे सिचाई योग्य भूमि है। बाकि बची हुई भूमि को सिचाई योग्य बनाना अभी बाकि है ।

प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के उद्देश्य
1. विगत कई दशकों के प्रयास के बावजूद कृषि योग्य भूमि का अधिकांश भाग वर्षा आधारित है। वर्षा के अभाव में किसानों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को ध्यान में रखकर “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” स्वीकृत की गई है,
2. इस योजना का प्रमुख उद्देश्य यह है कि हर खेत को ठीक से पानी मिले।
3. इस योजना में इस बात पर ध्यान दिया गया की जो खेतो को पानी का प्रबंध खेत में ही किया जाये जिसे “हर खेत को पानी” नाम दिया गया।
4. हमारे देश में 65% खेतो के लिए भूमि है वो कृषि सिचाई योग्य नहीं है तो सर्कार ये चाहती है जो ये भूमि है इसमें भी पानी कि व्सवस्था कि जाये जिससे कि इसे कृषि योग्य बनाया जाये।

प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के बारे में अन्य जानकारी
1. योजना के उद्देश्यों की उपलब्धि के लिये मुख्यतः तीन मंत्रालयों नामतः जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय के सहभागिता द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
2. जल प्रयोग क्षमता बढ़ाने के लिये सूक्ष्म सिंचाई योजना (ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेनगन आदि) का उपयोग विभिन्न फसलों की सिंचाई के लिये किया जाएगा। इस सभी कार्यक्रमों को चलाने के लिये वर्ष 2015-16 के लिये 1800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
3. जिला सिंचाई योजना तैयार करते समय माननीय संसद सदस्य, स्थानीय विधायक के सुझाव लिये जाएंगे और जिला सिंचाई परियोजना में सम्मिलित किया जाएगा।
योजना की मार्गदर्शिका माननीय कृषि मंत्री विभिन्न विभागों/मंत्रालयों से गहन विचार-विमर्श के बाद जारी किया जाएगा जिससे कि राज्यों द्वारा इस योजना का प्रभावी तरह से कार्यान्वयन हो सके।

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