Essay in Hindi

Essay on Road Safety in Hindi

सड़क सुरक्षा पर निबंध – Essay on Road Safety (Sadak Suraksha) in Hindi

यातायात दो शब्दों से मिलकर बना है या+ आयात जिसका अर्थ है आना-जाना। सामाजिक एवं औद्योगिक विकास के साथ-साथ हमने परिवहन के भी अनेक साधन विकसित किए जिनमें सड़क यातायात का महत्वपूर्ण योगदानहै।सड़क यातायात को सुचारू और सुरक्षित रूप से चलाने के लिए विभिन्न नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। यातायात के नियम पालन करने से यात्रा सुखद और सुरक्षित हो जाती है। यदि हम इनका उल्लंघन करते हैं तो किसी दुर्घटना का शिकार हम स्वयं भी हो सकते हैं और हमारे कारण कोई दूसरा भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।प्रतिवर्षसड़क दुर्घटनाओं में लाखों व्यक्ति मारे जाते हैं। अतः इस पर नियंत्रण पाना एक चुनौती है।

सड़क दुर्घटना के कारण
1. वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पूर्ण ज्ञान ना होना।
2. बहुत तेज गति से वाहनचलाना।
3. नशे की हालत में गाड़ीचलाना।
4. सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा साधनों की उपेक्षा करना।
5. लेनड्राइविंग का पालन न करना।
6. गलत तरीके से ओवरटेकिंग करना।

सड़क दुर्घटना के नियम
1. बहुत तेज गति से वाहन ना चलाएं।
2. वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।
3. नशे की हालत में वहन कभी ना चलाएं।
4. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें।
5. लाल, पीली, हरी, नीली बत्ती संकेत का पालन अवश्य करें।
6. नींद आने पर वाहन ना चलाएं।
7. कभी ओवरटेक करने का प्रयास ना करें, धैर्य बनाए रखें।
8. सड़क चित्रों का अनुपालन करें।
9. सड़क पार करते समय हमेशा ज़ेबराक्रॉसिंग का पालन करें।

भारत भारत में वर्ष 2011 की अवधि में लगभग 4.9 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुई जिसमें 1,42,485 लोगों की मृत्यु हुई।इन भयावह दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात के नियमों का पालन करना अति आवश्यक है ताकि इस समस्या से मुक्ति मिल सके।
सड़क दुर्घटनाओं के बचाव हेतु निम्न उपाय किए जा सकते हैं

बचाव के उपाय

1. सड़क यातायात के नियमों का पालन विवेकपूर्ण होना चाहिए।
2. सड़क पार करते समय दाएं- बाएं अवश्य देखना चाहिए।
3. वाहन चलाते समय नशा नहीं करना चाहिए।
4. नींद आते समय बाहन नहीं चलाना चाहिए।
5. वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।
6. वाहन चलाते समय दूसरे वाहन की गति देखकर प्रतिस्पर्धा ना करें।
7. बच्चों के साथ चलते समय उनका हाथ पकड़े रखें और उन्हें ट्रैफिक की तरफ ना चलने दें।
8. वाहन चलाते समय तेज गति का संगीत ना सुने।
9. वाहन हमेशा लेन के निशानों के अंदर ही चलाएं।

सड़क दुर्घटनाओं के प्रति हमारा दायित्व-यातायात दुर्घटनाओं के प्रति सबसे बड़ा दायित्व तो यह है कि हम सबसे पहले दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को यथासंभव प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएं। यदि वह गंभीर रूप से घायल है तो उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराएं। डॉक्टर अथवा अस्पताल यदि भर्ती करने अथवा उपचार करने से मना करें तो नजदीकी पुलिस थाने की मदद से पीड़ित व्यक्ति को यथासंभव उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास करें।

उपसंघार – अंततः परिवहन विभाग द्वारा बनाए गए यातायात से संबंधित समस्त सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक संकेतों एवं नियमों का पालन कर देश की समृद्धि एवं विकास में अहम योगदान देने का प्रयास करें। जिससे हमारा देश समाज एवं परिवार सुरक्षित रह कर विकास की पराकाष्ठा को प्राप्त करने में सफल हो सके।

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