कृषि एवं सिंचाई से संबंधित योजनाएं / कार्यक्रम – Schemes / Programs Related to Agriculture and Irrigation

Here you will find complete information about agriculture and irrigation related Schemes / programs of Indian government and narendra modi in hindi.


यहाँ हमने भारत सरकार व् नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जारी की गई कृषि एवं सिंचाई से संबंधित योजनाएं / कार्यक्रम , सुकन्या समृद्धि योजना , राष्ट्रिय गोकुल मिशन , मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना व् प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की संछिप्त में जानकारी प्रकाशित की है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आपके लिए सहायक होंगी.


कृषि एवं सिंचाई से संबंधित योजनाएं / कार्यक्रम – Schemes / Programs Related to Agriculture and Irrigation

सुकन्या समृद्धि योजना – शादी व् उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए भारत सरकार ने नवजात बच्चियों के लिए एक छोटी जमा योजना शुरू की है. ‘सुकन्या सम्रद्धि’ के नाम से शुरू इस योजना के अंतर्गत बच्ची के माता – पिता अथवा उसके क़ानूनी अभिभावक डाकखाने में बच्ची के नाम से जमा खाता खोल सकते है.

बच्ची के नाम से खाता उसके जन्म से 10 वर्ष की अवधि के बीच में खोला जा सकता है. इस योजना के लागू होने के एक वर्ष पूर्व जिन बच्चियों की आयु 10 वर्ष की हो चुकी है, वें भी नयी योजना के तहत खाता खोल सकेंगी . न्यूनतम जमा राशी 1,000 वार्षिक है. जमा राशी 100 के गुणक में होनी चाहिए . यदि न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती है तो प्रतिवर्ष के हिसाब से 50 रुपए जुरमाना देय होगा. एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते है. खाता खुलने की तारीख से 14 वर्ष की अवधि तक राशि जमा करनी है. माता-पिता व् क़ानूनी अभिभावक खाते को संचालित कर सकते है, 10 वर्ष की होने के बाद बच्ची खुद भी खाते का सञ्चालन कर सकती है, जबकि धन अभिभावक जमा करेंगे.

जमा राशि खाता के खोलने की तारीख से 21 वर्ष की अवधि में मेच्योर (पूर्ण) होंगी. हालांकि कुल जमा राशि का आधा (वित्त वर्ष के अंत में) लड़की की शादी व् उच्च शिक्षा के लिए निकला जा सकता है, लेकिन यह तभी संभव हैं जब लड़की की उम्र 18 वर्ष ही चुकी हो. यदि लड़की की शादी जमा-अवधि पूर्ण होने के पहले ही हो जाती है तो खाता बंद कर दिया जाएगा. एक लड़की एक ही खाता खोल सकती है और माता-पिता इस तरह के खाते अपनी अधिकतम दो बच्चियों के लिए ही खोल सकते है.


राष्ट्रिय गोकुल मिशन – केंद्र सरकार ने 28 जुलाई, 2014 को स्वदेशी गायों के संरक्षण और नस्लों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रिय गोकुल मिशन (राष्ट्रव्यापी योजना) की शुरुआत की. यह मिशन राष्ट्रिय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीबीबीडीडी) पर केन्द्रित परियोजना है.

भारत में 199 मिलियन पशु पाए जाते है जो पुरे विश्व की पशु जनसँख्या का लगभग 14.5 प्रतिशत है.
मिशन के उद्देश्य
=> स्वदेशी नस्लों का विकास और संरक्षण
=> स्वदेशी पशु नस्लों के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम शुरू करना ताकि अनुवांशिक सुधार और पशुओं की संख्या में वृद्धि की जा सके.
=> दुश उत्पादन और उत्पादकता को बढाने के लिए.
=> नॉन-डेसक्रिप्ट पशुओं का गिर , साहिवाल, राठी , देउनी, थारपारकर, रेड सिन्धी और अन्य कुलीन स्वदेशी नस्लों के जरिए अपग्रेडेशन करना.
=> प्राकर्तिक सेवाओं के लिए उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडो का वितरण.
=> यह परियोजना ‘राष्ट्रिय पशु प्रजनन’ एवं डेयरी विकास का हिस्सा है.
=> इस योजना का कार्यान्वयन राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा पशुधन विकास बाड्रों के माध्यम से किया जाएगा.
=> 12वीं पंश्वर्शीय योजना (2012-17) के दौरान इस कार्यक्रम पर 500 रुपए करोड़ खर्च किए जाने का प्रस्ताव हैं.


मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फ़रवरी, 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगण कसबे में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का शुभारम्भ किया. यह योजना किसानों को वैज्ञानिक दृष्टि से मृदा का विश्लेषण करने में मदद करेगी. इस योजना का उद्देश्य पोषक तत्वों और उर्वरकों के उचित उपयोग से उत्पादकता में सुधार लाकर किशाओं की मदद करना है. इस कार्ड में खेत के लिए जरुरी फसलवार उर्वरकों की सिफारिश होगी और इस प्रकास किसानों को मृदा स्वास्थ को जानने तथा मृदा पोषक तत्वों के विवेकपूर्ण चयन करने में मदद करेगा. देश में कुल 14.1 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है और सरकार की तीन वर्ष में सभी राज्यों से 2.48 लाख नमूनों को लेने और मिटटी की गुणवत्ता की जांच करने की योजना है. ये नमूने सिंचित इलाकों में प्रत्येक 2.5 हेक्टेयर क्षेत्र से और वर्षा आधारित क्षेत्रों में प्रत्येक 10 हेक्टेयर क्षेत्र से लिए जाएंगे.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि में उर्वरकों के अत्याधिक इस्तेमाल पर अंकुश लगाना है.


प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीए) ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) को 2 जुलाई , 2015 को मंजूरी प्रदान की. इसके तहत पांच वर्षो (2015-16 से 2019-20) के लिए 50 हजार रुपए करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. इसमें वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 5300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) का मुख्य उद्देश्य सिंचाई में निवेश में एकरूपता लाना, हर खेत को पानी के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए, खेतों में ही जल को इस्तेमाल करने की दक्षता को बढाना ताकि पाई के अपव्यय को कम करना, सही सिंचाई और पानी को बचाने की तकनीक को अपनाना (हर बूंद अधिक फसल) है.