स्टार्टप इण्डिया, स्टन्डप इंडिया (Startup India, Standup India) क्या है और अन्य जानकारी

1. स्टार्टप इण्डिया (Startup India) भारत सरकार की एक योजना है जो नया उद्योग शुरू करने के लिये बैंक से धन उपलब्ध कराने से सम्बन्धित है ताकि उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके।
2. सरकार द्वारा इस संबंध में घोषित कार्य योजना स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के सभी पहलुओं को संबोधित करने और इस आंदोलन के प्रसार में तेजी लाने की उम्मीद करती है।
3. इकाई पहले से अस्तित्व में व्यापार के विखंडन /पुनर्निर्माण द्वारा गठित नहीं की गई हो।
4. इकाई एक स्टार्टअप के तौर पर नहीं मानी जाएगी यदि पिछले वित्तिय वर्ष में उसका कारोबार 25 करोड़ रुपये से अधिक हो या उसने गठन की तिथि से 5 वर्ष पूरा कर लिया हो।

स्टार्टप इण्डिया के बारे में अन्य जानकारी

1. स्टार्टअप उद्यमियों के पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने उन्हें बढ़ावा देने के वास्ते एक कार्य योजना की घोषणा की। इन उद्यमों को देश में संपत्ति और रोजगार सृजन करने वाले अहम क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
2. मोदी ने कहा कि स्टार्टअप कारोबारियों द्वारा कमाये जाने वाले मुनाफे पर व्यावसाय शुरू होने के पहले तीन साल तक इनकम टैक्स से छूट होगी। ऐसे उद्यमों में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों द्वारा किए गए निवेश के बाद अपनी संपत्ति बेचने पर 20% की दर से लगने वाले पूंजीगत लाभ टैक्स से भी छूट होगी। 3. यह छूट सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उद्यम पूंजीकोषों के निवेश पर भी उपलब्ध होगी।
4. स्टार्टअप के लिए 19 बिंदुओं की कार्ययोजना पेश करते हुए मोदी ने कहा कि पूंजीगत लाभ टैक्स में छूट से स्टार्टअप भी एमएसएमई के बराबर आ जाएंगे। स्टार्टअप में टैक्स छूट उचित बाजार मूल्य के ऊपर निवेश पर दी जाएगी। इनकम टैक्स कानून के तहत कंपनी के उचित बाजार मूल्य से उपर मिलने वाले वित्तपोषण पर प्राप्तकर्ता को कर देना होता है।
5. सरकार का ‘स्टार्ट अप इंडिया’ कार्यक्रम देश में नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातावरण बनाना है ताकि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके और देश में बड़े.पैमाने पर रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा सकें।
6. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और नियामकीय संस्थानों के साथ बातचीत करने के लिये एक एप और पोर्टल जारी किया जाएगा। पेटेंट आवेदनों को कम लागत पर परीक्षण के लिये कानूनी समर्थन भी दिया जायेगा। इससे स्टार्ट अप को भी बौद्धिक संपदा अधिकारों के मामले में जागरूकता आएगी और वह अपने आईपीआर की सुरक्षा और उनका व्यवसायीकरण भी कर सकेंगे।
7. सरकार की ओर से एक राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्ट कंपनी बनाने का प्रस्ताव है जिसमें अगले चार साल तक सालाना 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया जाएगा।
कानूनी सहायता और कम दर पर पर तेजी से पेटेंट परीक्षण – बौद्धिक संपदा अधिकार को बढ़ावा देने और जागरूकता लाने एवं नये स्टार्टअप्स के सतत विकास और तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए, यह योजना पेटेंट दाखिल करने के कार्य को आसान कर देगा।
8. स्टार्टअप्स के लिए त्वरित निकासी – यह कार्य योजना स्टार्टअप्स के लिए असफलता की स्थिति में संचालन को बंद करने में आसानी प्रदान करेगा। स्टार्टअप्स के लिए एक इंसोल्वेंसी प्रोफेशनल प्रदान किया जाएगा जो छह महीने के समय में लेनदारों के भुगतान के लिए कंपनी की आस्तियों को बेचने का प्रभारी होगा। यह प्रक्रिया सीमित देयता की अवधारणा को स्वीकार करेगी।

संछिप्त में जाने

16 जनवरी 2016 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मे स्टैंड अप इंडिया की योजना की शुरुआत की.

इसका मुख्य उद्देश्य भारत में व्यवसाय करने के सभी पहलुओं में सभी स्टार्ट-अप व्यवसायों को सहायता प्रदान करना है।

यह रोजगार सृजन और धन सृजन को बढ़ावा देगा।

इस योजना के तहत, स्टार्ट-अप नियामक देनदारियों को कम करने के लिए स्वयं-प्रमाणीकरण अपनाना होगा।

एक मोबाइल एप्लिकेशन के आकार में, एक ऑनलाइन पोर्टल, आरंभिक संस्थापकों को आसानी से रजिस्टर करने के लिए लॉन्च किया जाएगा।

आधिकारिक वेबसाइट: http://finmin.nic.in

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