ताजमहल पर निबंध (Essay on Taj Mahal in Hindi): Taj Mahal Nibandh for Student Kids

Taj Mahal Essay in Hindi: यहां ताजमहल पर सबसे सरल और आसान शब्दों में हिंदी में निबंध पढ़ें। नीचे दिया गया ताजमहल निबंध हिंदी में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

Essay on Taj Mahal in Hindi (ताजमहल पर निबंध): Short and Long

प्रस्तावना – ताजमहल भारत का बहुत ही सुंदर स्मारक है। यह मुगल वास्तुकला की एक उत्कृष्ट कृति है। यह विश्व के सबसे महान व आकर्षक स्मारकों में से एक है।ताजमहल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है तथा यह पूरे विश्व द्वारा सराहे जाने वाला अति उत्तम मानवीय कृतियों में से एक मैन जाता है।

ताजमहल की स्थिति
ताजमहल भारत देश के उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित है।

ताजमहल का इतिहास
ताजमहल का निर्माण पांचवे मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा अपनी प्रिय पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया गया था। इसका निर्माण कार्य 1631 ईस्वी में शुरू हुआ जो कि 1653 में पूरा हुआ। इसे बनाने के लिए 20 हजार मजदूरों ने काम किया। सफेद संगमरमर से बना यह महल असीम प्रेम की निशानी है।

ताजमहल की संरचना
ताजमहल की संरचना प्राचीन मुगल कला पर आधारित है। मुगल शासन काल के दौरान लगभग सभी भवनों के निर्माण में लाल पत्थरों का उपयोग हुआ है परंतु ताजमहल के निर्माण में शाहजहां ने सफेद संगमरमर को चुना। इन पर कई प्रकार की नक्काशी कर ताजमहल की दीवारों को सजाया गयाहै।ताजमहल को सुंदर व आकर्षक रूप देने के लिए अलग प्रकार से बनाया गयाहै। ताजमहल इमारत समूह की संरचना की खास बात यह है कि यह पूर्णतया सममितीय है

ताजमहल के विभिन्न हिस्से
वैसे तो संपूर्ण ताजमहल अपने आप में एक उत्कृष्ट इमारत है लेकिन मुमताज महल का मकबरा संपूर्ण ताजमहल का केंद्र है जो कि चारों तरफ से बगीचे से घिरा हुआ है। इस मकबरे की नींव वर्गाकार है। मकबरे की चारमीनार इमारत का चौखट बनती दिखाई देती है। मुमताज महल के मकबरे के ऊपर बहुत बड़ा गुंबद शोभित है।गुंबद पर किरीट कलश स्थित है। यह कलश फारसी तथा हिंदू कला का मुख्य तत्व है। यह कलश पहले सोने का बना था परंतु अब इसे कांसे से द्वारा बनवाया गया है। इस कलश पर चंद्रमा बना है जिसकी नॉकस्वर्ग की ओर इशारा करती है। चंद्रमा एवं कलश की नोक मिलकर एक त्रिशूल का आकार बनाती है जो कि हिंदू भगवान शिव का चिन्ह है। गुंबद के आकार को इसके चार किनारों पर स्थित चार छोटी गुंबद की छतरियों से सहारा मिलता है। मुख्य आधार के चारों कोनों पर चार विशाल मीनारें बनाई गई हैं और प्रत्येक मीनार 40 मीटर ऊंची है। यह मीनारें मस्जिद में अजान देने हेतु बनाए जाने वाली मीनारों के समान ही बनाई गई हैं। इन मीनारों में विशेष बात यह है कि यह चारों बाहर की ओर हल्की सी झुकी हुई हैं ताकि कभी गिरने की स्थिति में यह मीनारें बाहर की तरफ ही गिरे जिससे कि मुख्य ताजमहल की इमारत को कोई हानि न पहुंचे।

बाहरी सजावट
ताजमहल की बाहरी सजावट मुगल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसमें पाए जाने वाले सुलेखफ्लोरिडाथुलुड लिपि के हैं।यह फारसी लिपिक अमानत खान द्वारा सृजित हैं। यह सुलेख जैस्पर को सफेद संगमरमर के फलक पर जड़कर किया गया है। पूरे क्षेत्र में कुरान की आयतें अलंकरण हेतु प्रयोग हुई है। इसे विभिन्न नक्काशी तथा रत्नों से जड़कर बनाया गया है। जैसे ही कोई ताजमहल के द्वार से ताजमहल में प्रवेश करता है, उसे मन को शांति प्रदान करने वाली एक अलग ही शक्ति का अनुभव होता है।

पर्यटन स्थल
ताज महल विश्व के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है। यह हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। भारत के साथ-साथ विश्व भर के कई देशों से लोग इस इमारत को देखने आते हैं। 2007 में नए सात अजूबों में ताज महल ने फिर एक बार अपनी जगह बनाई।

निष्कर्ष
ताजमहल का निर्माण सदा से प्रशंसा का विषय रहा है। सफेद संगमरमर से बना यह महल अटूट प्रेम की निशानी है जिसे मुमताज का मकबरा भी कहा जाता है लेकिन अम्ल वर्षा के कारण सफेद संगमरमर पीला पड़ने लगा है। अतः अम्ल वर्षा के प्रभाव को रोकने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे तथा कारखानों से आने वाले अम्ल को रोकना होगा ताकि ताजमहल की सुंदरता व आकर्षण सदैव बना रहे।

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