Essay in Hindi

Essay and Speech on Terrorism “आतंकवाद” in Hindi

आतंकवाद पर निबंध – Essay and Speech on Terrorism (Aatankwad) in Hindi

वैश्विक पटल पर आतंकवाद एक गंभीर समस्या के रूप में विद्धमान है। जहां एक ओर विश्व के अन्य देश आर्थिक सामाजिक राजनैतिक विकास के लिए विभिन्न प्रकार की तकनीकी आयाम विकसित कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विश्व में मौजूद आतंकवादी संगठन जैसे- तलीवन, लश्कर ए ताईवा, जैस ए मोहम्मद, isis आदि इन तकनीकियों का इस्तेमाल जिहाद, हिंसा तथा आर्थिक व सामाजिक अस्थिरता फैलाने के लिए कर रहे हैं। जिहाद कायम करना आतंकियों का मुख्य उद्देश्य होता है। गाहे बगाहे विश्व में यह चर्चा हमेशा बनी रहती है, कि कथित तौर पर पाकिस्तान आतंकवाद का सदैव समर्थन करता रहा है। या यूं कहें कि आतंकवाद के प्रोतसन में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आतंकवाद का पालन पोषण करना पाकिस्तान ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी बना रखी है। सन 1947 में भारत के विभाजन के उपरांत जब पाकिस्तान एक स्वतंत्र देश बना तब से ही पाकिस्तान ने भारत का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर को हथियाने के लिए कश्मीर सहित संपूर्ण भारत में हिंसात्मक आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। आतंकवाद शब्द पहली बार वर्ष 1793 – 94 में फ्रांसीसी क्रांति के समय प्रकाश में आया आतंकवाद एक हिंसात्मक गतिविधि होती है। जिसमें कोई व्यक्ति या संगठन अपने आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक द्वेष पूर्ण विचारों की प्रतिपूर्ति के लिए किसी देश के नागरिकों तथा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। जो आतंकवादी संगठनों से ताल्लुक रखते हैं उन्हें प्रायः जिहादी, उग्रवादी, अलगाववादी, विद्रोही तथा नक्सली कहा जाता है।

कुछ महत्वपूर्ण आतंकवादी घटनाएँ

आतंकवाद से प्रेरित कुछ ऐतिहासिक घटनाएं जिनमें पाकिस्तान ने कश्मीर को हथियाने के लिए या कश्मीर में जिहाद कायम करने के लिए भारत पर 1947 से 1999 तक पाकिस्तानी सेना के माध्यम से विभिन्न आक्रमण किए। सन 1947 से 1999 तक भारत और पाकिस्तान के बीच में चार युद्ध हुए। युद्ध के माध्यम से कश्मीर हथियाने में जब पाकिस्तान सफल ना हो सका, तो उसने आतंकवाद की राह चुनी और भारत पर विभिन्न प्रकार के आतंकवादी हमले करवाए जिनमें 26/11 का हमला प्रमुख रूप से विश्व प्रसिद्ध है। भारत के राज्य कश्मीर, नागालैंड, पंजाब, असम, बिहार आदि मुख्यतः आतंकवाद से प्रभावित राज्य है।

भारत में अब तक के विभिन्न आतंकवादी हमले

  • मुंबई 26/11 का हमला भारत का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला था। यह हमला 26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के ताज होटल पर हुआ था। इस आतंकवादी हमले मैं 166 लोग मारे गए थे।
  • 30 अक्टूबर 2008 को भारतीय राज्य असम में में हुए हमले में 470 लोग मारे गए थे।
  • 21 अक्टूबर 2008 इंफाल, मणिपुर की राजधानी इंफाल में हुए आतंकवादी हमले में मणिपुर पुलिस कमांडो के 17 लोग मारे गए थे।
  • 29 सितंबर 2008 मालेगाव, महाराष्ट्र में भीड़भाड़ वाले इलाके में बम विस्फोट से 5 लोग मारे गए थे। मोडासा गुजरात 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के नजदीक बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत तथा कई व्यक्ति घायल हुए थे।
  • 27 सितंबर 2008 में दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके में बम फेंकने से तीन लोगों की मौत हुई थी साथ ही 23 लोग घायल हुये थे।
  • 13 सितंबर 2008 को इसी शहर के विभिन्न हिस्सों में छह बम विस्फोट हुए जिनमें 26 लोगों की जान गई।
  • 26 जुलाई 2008 मैं 20 बम विस्फोटों से 57 लोगों की जान गई थी।
  • जयपुर 13 मई 2008 बम सिलसिलेवार बम विस्फोट में 68 लोगों की जान गई थी
  • रामपुर जनवरी 2008 रामपुर में सीआरपीएफ के बल पर आतंकवादियों के हमले में 8 लोगों की जान गई थी। अजमेर अक्टूबर 2007 पर हुए बम विस्फोट में 2 लोगों की जान गई थी।
  • हैदराबाद, अगस्त 2007 में आतंकवादी हमले में 42 लोगों की जान गई थी। हैदराबाद, मई 2007 में अब हैदराबाद की मक्का मस्जिद में बम विस्फोट में 11 लोगों की जान गई थी। फरवरी 2007 भारत से पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन में बम विस्फोट से 70 लोगों की मृत्यु हुई थी।

इस प्रकार की कई आतंकवादी घटनाएं भारत में होती रही हैं। जम्मू – कश्मीर जो भारत का सबसे नजदीकी राज्य है। उस राज्य में पाकिस्तान, चीन की मदद से आतंकवाद तथा जेहाद फैलाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ता है। विभिन्न प्रकार के आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने के लिए विभिन्न प्रकार के ट्रेनिंग सेंटर गुलाम कश्मीर में या पीओके में चलाए जा रहे हैं। इसी प्रकार अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 911 का हमला भी विश्व प्रसिद्ध आतंकवादी हमला है। जिसमें अलकायदा के प्रमुख कमांडर ओसामा बिन लादेन की मुख्य भूमिका रही तथा 26/11 का भारत पर हमला, भारत पर करवाने में अलकायदा के हाफिज सईद की मुख्य भूमिका रही। इसी प्रकार सन 2000 में तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश की थी। तब अमेरिका ने अफगानिस्तान सरकार का साथ दिया था और तालिबान को खदेड़ दिया था। तब से लगभग 20 – 21 सालों तक अमेरिका अफगानिस्तान में अपना बेस कैंप बनाए रहा लेकिन अगस्त 2021 में पुनः तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार को सत्ता से बेदखल करके अपनी एक स्वतंत्र सरकार का गठन किया। 9/11 के हमले का मुख्य आरोपी ओसामा बिन लादेन जो पाकिस्तान में छुपा हुआ था। उसे अमेरिका ने ढूंढ कर वहीं पाकिस्तान के एबटाबाद में ही खत्म कर दिया था। निष्कर्ष उपरोक्त वर्णित विभिन्न प्रकार की घटनाओं से हमें पता चलता है कि कश्मीर को कब्जाने के लिए पाकिस्तान ने भारत में विभिन्न प्रकार के आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया तथा भारत में राजनीतिक सामाजिक तथा आर्थिक अस्थिरता पैदा करने के प्रयास किए। इसके अलावा अमेरिका में तथा अफगानिस्तान में एवं विश्व के विभिन्न देशों सहित भारत के विभिन्न राज्यों में आतंकवादी नेटवर्क वितरित करने या आतंकवादी आंखों को ट्रेनिंग करने के लिए पाकिस्तान ने कोई कसर नहीं छोड़ी। अब आतंकवाद वैश्विक स्तर पर एक गंभीर समस्या है जिसका निदान किया जाना अति आवश्यक है।

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