जल संरक्षण पर निबंध (Essay on Water Conservation in Hindi): Water Conservation Nibandh for Student Kids

Water Conservation Essay in Hindi: यहां जल संरक्षण पर सबसे सरल और आसान शब्दों में हिंदी में निबंध पढ़ें। नीचे दिया गया जल संरक्षण निबंध हिंदी में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

Essay on Water Conservation in Hindi (जल संरक्षण पर निबंध): Short and Long

जल संरक्षण क्या है?

जलसंरक्षण, अनावश्यक रूप से पानी के उपयोग को कम करने के लिए कुशलतापूर्वक पानी का उपयोग करने का एक अभ्यास है। आज हमारे लिए जल संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि ताजा स्वच्छ जल एक सीमित संसाधन है साथ ही बहुमूल्य भी है। जल सभी के जीवन के पोषण के लिए एक आवश्यक संपत्ति है और स्थानीय उपयोग से लेकर कृषि और उद्योग के लिए उपयुक्त सभी गतिविधियों की मूलभूत मांग है। अतः इस प्राकृतिक संसाधन का संरक्षण पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है।
मानव आबादी के नियमित रूप से बढ़ने के कारण जल संसाधनों पर गंभीर दबाव पैदा हो गया है। नदी, तालाब, झील, जलाशय और भूजल के दुरुपयोग से जल की भीषण कमी का सामना आज हमें करना पड़ रहा है और शायद आने वाले वर्षों में यह संकट और अधिक बढ़ने वाला है। आज हमें पानी को बचाने की कोशिशों में तेजी लाने की आवश्यकता है और जल संरक्षण पर गंभीर विचार करने की जरूरत है।

क्यों जरूरी है जल संरक्षण?
आबादी और उद्योगों की वृद्धि के कारण ताजे जल स्रोतों की हमारी जरूरत बढ़ रही है लेकिन हमारे पास जल का सीमित संग्रह बचा है। ऐसी हालत में जल संरक्षण ही एकमात्र उपाय है जो हमें और आने वाली पीढ़ी को जल के संकट से बचा सकता है।
पानी के संरक्षण में असफल होने से पानी की पर्याप्त आपूर्ति की कमी हो सकती है जिसके कठोर परिणाम हो सकते हैं। इनमें पानी की लागत बढ़ने कम, खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य संबंधी और राजनीतिक संघर्षशामिलहैं।

जल की कमी के कारण पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ेगा और वन, उपवन, वन्यजीव आदि पर संकट आ सकता है। अतः जल संरक्षण जरूरी है। जल पूरी जीवसृष्टि के लिए महत्वपूर्ण है और धरती पर इसका सीमित स्रोत हमें इस बात की ओर प्रेरित करता है कि हम जल संरक्षण की ओर ध्यान दें। अन्यथा हमारी आने वाली पीढ़ी को पीने के लिए एक बूंद जल के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा।

जल संरक्षण कैसे करें?

ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनको अपनाकर हम जल का संरक्षण कर सकते हैं। यदि हम जल का सीमित उपयोग करें और उसे बचाने के लिए उचित कदम उठाएं तो जल का सीमित भंडार लंबे समय तक बना रह सकता है।

वर्षा के पानी का संग्रह करना – वर्षा के जल का संग्रह ना करना हमारी सबसे बड़ी भूल है। आज भी वर्षा का साफ पानी समुद्र,गटर, नालियों में बह जाता है और व्यर्थ हो जाता है। इस पानी का यदि हम संग्रह करें तो हर साल जो जल संकट हमेंदेखना पड़ता है उससे राहत मिल सकती है बरसात के जल को हम नहर, तालाब, जलाशय, कुंड आदि बनाकर संग्रहीत कर सकते हैं। इस संग्रहीत किए जल का उपयोग हम घर के उपयोग, उद्योगों और कृषि कार्यों में कर सकते हैं। हम गांव शहरों के आसपास तालाब बना सकते हैं। विशाल नहरों का निर्माण कर पानी के संकट वाले क्षेत्रों को राहत पहुंचा सकते हैं।

भूगर्भ जल का रक्षण– भूगर्भ जल अर्थात जमीन के अंदर स्थित जल जो कि हम कुओं,हैंडपंप आदि के द्वारा निकालते हैं। अधिक भूगर्भ जल निकालने के कारण और उसका दुरुपयोग होने के कारण भूगर्भ जल में भी कमी आती है। भूगर्भ जल का हमें रक्षण करना चाहिए। तालाब, जलाशय आदि बनाने से भूगर्भ जल का स्तर बढ़ता है।
भूमि प्रदूषण भी रोकने की आवश्यकता है क्योंकि उसके कारण भूगर्भ जल दूषित होता है।

दैनिक कार्यों में जल का सही उपयोग– सबसे अधिक पानी का उपयोग यदि कहीं किया जाता है तो वह है घरेलू कार्यों में। हम अपने रोजिंदा जीवन में बड़ी मात्रा में पानी का दुरुपयोग करते हैं क्योंकि हम इस बात से अनजान होते हैं कि यह जल सीमित मात्रा में ही धरती पर उपलब्ध है। नहाने में, कपड़े व बर्तन धोने में, वाहनों को धोने के लिए, त्योहारों के समय घर की साफ सफाई के समय आदि ऐसे बहुत से कार्य हैं जिनमें हम पानी को बर्बाद करते हैं। यदि हम अपनी जवाबदारी को समझ कर पानी का सदुपयोग करें तो काफी हद तक जल संरक्षण में अपना योगदान हम दे सकते हैं।

जल संरक्षण के कुछ मूलभूत उपाय

1. हमेशा नल को कस कर बंद करें ताकि उसमें से पानी ना बर्बाद हो।
2. अपने नल के अंदर और आसपास किसी भी लीक की तुरंत मरम्मत करें।(एक रिसाव से प्रतिवर्ष कई हजार लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।)
3. अपने पानी के उपयोग को कम करने के लिए अपने नल पर एक जलबहाव या पानी के प्रवाह को कम करने वाले लगावों का उपयोग करें।
4. बर्तन धोते समय कभी भी लगातार पानी ना चलाएं।
5. ब्रश करते समय जब आप वास्तव में ब्रश कर रहे हो तो पानी बंद कर दें।(यह सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले पानी का लगभग 80% बचता है।)
6. लोफ्लश शौचालय स्थापित करके आप पानी के उपयोग को 40% से 50% तक कम कर सकते हैं।
7. लॉन और उद्योगों को गर्म मौसम के दौरान प्रति दिन केवल 5 मिलीमीटर पानी की आवश्यकता होती है। बसंत, पतझड़ या शांत मौसम के द्वारा कम पानी की आवश्यकता होती है। अतः उस समय पानी कम इस्तेमाल करें।
8. घरों मैं पानी के मीटर लगाने से हम इस पानी के दुरुपयोग को रोक सकते हैं।

नदी, तालाब आदि को बचाना – नदी तालाब जलाशय आदि हमारे लिए पानी प्राप्ति के मुख्य स्रोत हैं। अतः उनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। जल के इन संसाधनों पर सबसे बड़ा बुरा प्रभाव जल प्रदूषण डालता है। जब पानी के यह मुख्य स्रोत ही समाप्त हो जाएंगे तो फिर हमारे लिए पीने का पानी भी मिलना मुश्किल हो जाएगा। अतः बढ़ते जल के प्रदूषण को रोककर हमें नदियों, तालाबों और जलाशयों का रक्षण करना चाहिए।

उपसंहार – जल संरक्षण के महत्व को हमें इसी बात से समझ जाना चाहिए। कि हमारी धरती पर अब मात्र 1% जल ही बचा है और यदि हम इसी प्रकार से इसे व्यर्थ बहाते रहे तो भविष्य में पानी के सभी स्रोत समाप्त हो सकते हैं। अतः हमें अभी से जागरूक होने की आवश्यकता है और अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए देशों को जल संरक्षण पर गंभीरता से प्रयास करने चाहिए।

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