चंद्रयान 3 (भारत) और लूना 25 (रूस); जाने अंतर, बजट, लॉन्च तिथि, और मिशन जानकरी हिंदी में

Chandrayaan 3 vs Luna 25 Comparison in Hindi: चंद्रयान-3 देश का चंद्रमा के लिए तीसरा मिशन है जोकि भारतवासियों के लिए गौरव की बात है, इस मिशन ने वर्ष 14 जुलाई 2023 को अपनी यात्रा शुरू की और 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया.

Chandrayaan 3 vs Luna 25 Budget, Launch Date, Difference Hindi

Chandrayaan 3 vs Luna 25 Comparison in Hindi: चंद्रयान-3 देश का चंद्रमा के लिए तीसरा मिशन है जोकि भारतवासियों के लिए गौरव की बात है, इस मिशन ने वर्ष 14 जुलाई 2023 को अपनी यात्रा शुरू की और 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया. इस प्रक्षेपण के 40 दिन के अन्दर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी के लिए यह सावधानीपूर्वक अपनी कक्षा को समायोजित कर रहा है.

वहीं लूनर रिसर्च में रूस महत्वपूर्ण वापसी कर रहा है. साल 1976 में सोवियत युग के लूना-24 मिशन के बाद लगभग 5 दशकों में पहली बार, 10 अगस्त को लूना-25 को रुसी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में भेजा गया. इस मिशन ने चंद्रमा के लिए अधिक सीधे रास्ते को अपनाया है. संभावित रूप से यह अनुमानित 11 दिन में 21 अगस्त तक लैंडिंग का प्रयास करने में सफल हो जाएगा.

कई व्यक्ति इस सोच में है की आखिर ये दोनों मिशन क्या है इनका क्या मतलब और इन दोनो में क्या अंतर है तो आपकी यह सोच का सही उत्तर हम यहाँ देंगे, आइए जानते है की चंद्रयान-3 और लूना-25 में प्रमुख अंतर क्या है?

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चंद्रयान-3 और लूना-25 में प्रमुख अंतर क्या है?

Chandrayaan 3 and Luna 25 Difference in Hindi: दोनों चंद्रयान मिशनों के अलग-अलग पहुंचने के समय का एक प्रमुख कारक उनका संबंधित द्रव्यमान और ईंधन दक्षता है.

  • लूना-25 का कुल वजन सिर्फ 1,750 किलोग्राम है,
  • जो चंद्रयान-3 के 3,800 किलोग्राम से बहुत हल्का है.
  • चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को लॉन्‍च किया था
  • दूसरी ओर रूस का मिशन 10 अगस्त को भेजा गया था।
  • चंद्रयान-3 मिशन की कुल लागत 615 करोड़ रुपये है
  • रूस ने लूना-25 के बजट का ऐलान नहीं किया है।
  • लूना-25 की कुल कॉस्ट लगभग 1600 करोड़ है।
  • चंद्रयान-3 भारत की तीसरा मून मिशन है जबकि
  • रूस ने वर्ष 1976 के बाद पहली बार चांद का रुख किया है।

चंद्रयान-2 से कम है चंद्रयान-3 की लागत वही चंद्रयान-2 की तरह चंद्रयान-3 में ऑर्बिटर नहीं है। इस मिशन के लैंडर विक्रम, रोवर प्रज्ञान और प्रपल्शन मॉड्यूल को तैयार करने की कुल लागत 250 करोड़ रुपये है। भारत की खुफिया एजेंसियों की सूची:- संगठन, स्थापित, मुख्यालय, अध्यक्ष

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