Republic Day 2025 of India – 26 जनवरी गणतंत्र दिवस इतिहास, सामान्य ज्ञान हिंदी में
- विवेक कुमार
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Republic Day 2025 Hindi – सन 1947 और भारत देश को अंग्रेजो की गुलामी से आजादी मिली थी और भारत की आजादी के लगभग 894 दिन बाद ये 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था| इस दिनांक को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई० एन० सी०) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।
गणतंत्र दिवस 2024: साल 2024 में भारत का 75वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्ष 2024 भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे. 26 जनवरी सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया था.
Republic Day 2025 of India in Hindi History and General Knowledge
गणतन्त्र दिवस (Republic Day) भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है. गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जोकि प्रति वर्ष 26 जनवरी (26th January) को मनाया जाता है| प्रत्येक वर्ष इस दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है विद्यालयों, कॉलेज व् प्राचीन स्थल(राजपथ) पर परेड एवम् सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि किए जाते है.
भारत में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को जगह-2 समारोह होते है भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता हैं और फिर सतर्क खड़े होकर भारत का राष्ट्रगान गाया जाता है इस दिवस को भारत की राजधानी दिल्ली में शुरू से मनाया जाता है हर साल इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन (राष्ट्रपति के निवास) तक राजपथ पर राजधानी, नई दिल्ली में में एक भव्य परेड आयोजित की किया जाता है जिसमे भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना आदि सभी भाग लेते हैं इस परेड में भरत के सभी हिस्सों से राष्ट्रीय कडेट कोर व विभिन्न विद्यालयों से बच्चे आते हैं, परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी होती हैं, प्रदर्शनी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत व कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है। हर प्रदर्शिनी भारत की विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती है| गणतंत्र दिवस (Republic Day) के दिन वीर चक्र, महावीर चक्र, परमवीर चक्र, कीर्ति चक्र और अशोक चक्र जैसे तमाम अवॉर्ड दिए जाते हैं।
भारत के गणतंत्र दिवस का इतिहास
अग्रेजों की गुलामी से भारत को सन 1947 में स्वतंत्रता मिली और लगभग 2 साल, 11 महीने और 18 बाद 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया जिस समय भारत का संविधान लागु किया गया उस समय भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इर्विन स्टेडियम जाकर 21 तोपों की सलामी के बाद भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर भारतीय गणतंत्र के ऐतिहासिक जन्म की घोषणा की थी। और तब से आज तक हर वर्ष समूचे राष्ट्र में गणतंत्र दिवस गर्व और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था और इसे आजादी के कुछ ही दिन पहले 22 जुलाई, 1947 को अपनाया गया था।
गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि
भारत में अब तक बहुत अतिथि गणतंत्र दिवस की परेड पर आये है जिनमे से मुख्य है, वर्ष 2018 में (आसियान राज्यों के प्रमुख) दस मेहमान इस दिवस पर अतिथि सुल्तान हसनल बोल्किया (ब्रुनेई), प्रधान मंत्री हुन सेन (कंबोडिया), राष्ट्रपति जोको विडोडो (इंडोनेशिया), प्रधान मंत्री थोंगलोउन सिसोलॉथ (लाओस), प्रधान मंत्री नजीब रज़ाक (मलेशिया), राज्य काउंसलर आंग सान सू की (म्यांमार), राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते (फिलीपींस), प्रधान मंत्री ली हसियन लूंग (सिंगापुर), प्रधान मंत्री प्रयाग चान-ओ-चा (थाईलैंड), प्रधान मंत्री गुयेन जून्ग फुक (वियतनाम) रहे थे. वर्ष 2019 में साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा व् 71वे भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अथिति ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो है. अबु धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख मोहमद बिन ज़ायेद अल नाह्यान 2017 में अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस की परेड में आये थे और साल 2016 फ्राँस के राष्ट्रपति, फ्रांस्वा ओलांद, 2015 में यूएसए राष्ट्रपति, बराक ओबामा, 2014 में जापान के प्रधानमंत्री, शिंजों आबे आदि लेकिन गणतंत्र दिवस की प्रथम परेड में यानि 1950 इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्नों प्रथम अतिथि थे|
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