मेरा प्रिय खेल पर निबन्ध – Essay On My Favourite Game in Hindi

My Favourite Game Essay – यहाँ पर आप मेरा प्रिय खेल पर निबन्ध (Essay On My Favourite Game in Hindi) के सरल उदाहरण प्रकाशित किए गए है.

जिस प्रकार हमारे जीवन में शिक्षा आवश्‍यक है उसी प्रकार खेल भी अतिआवश्‍यक है। प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति को कुछ न कुछ खेल खेलना चाहिए। खेल हमें शारीरिक और मानसिक दोनो तरीकों से स्‍वस्‍थ रखते हैं। खेलों के माध्‍यम से लोगों में भाईचारा बना रहता है। खेल हमें मिल-जुल कर रहना सिखाते हैं। खेलों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। खेल खेलने से उन पर पढाई का जो तनाव रहता है वह कम होता है। खेल शरीर को फुर्तीला और मजबूत बनाते हैं। चैस आदि जैसे खेलों से दिमाग भी तेज़ होता है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को खेल खेलने ही चाहिए। खेल जिससे उनके अन्दर सामजिक ज्ञान का विकास होता है जो कि किताबें नहीं दे सकती।

मेरा प्रिय खेल : कबड्डी

मेरा प्रिय खेल कबड्डी है। कबड्डी का खेल हमें एकजुट रहना सिखाता है। क्योंकि जब हम एकजुट नहीं होते हैं तो हम कमजोर हो जाते हैं और कोई भी हमें हरा सकता है। जबकि यदि हम एकजुट रहें तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

कबड्डी के खेल में दो टीम होती हैं। प्रत्येक टीम में 8 खिलाडी होते हैं। जिसमें कुछ रेडर (मारक) होते हैं तथा कुछ डिफेंडर (रक्षक) होते हैं। रेडर सामने वाली टीम के पीला में जाता है और जिन खिलाडियों वो छू लेता है वे खेल से बाहर हो जाते हैं। जितने खिलाडियों को रेडर छूता है उपने ही पॉइंट टीम को दिए जाते हैं तथा डिफेंडर्स का काम रेडार को पाले में पकड़ना होता है। यदि वे उसे पीला से बहार जाने के पहले पकड़ लेते हैं तो रेडर खेल से बहार हो जाता है और पॉइंट उन्हें मिल जाता है। आखिर में जिस टीम के पॉइंट्स ज्यादा होते हैं वह विजेता घोषित कि जाती है।

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निष्कर्ष

आज के युग में खेलों का प्रचलन इतना बढ़ चुका है कि खेल देखने के लिए लाखों लोग इकट्ठे होते हैं और खिलाडियों का उत्साह वर्धन भी करते हैं। इनसे ही कई लोगों की जीविका भी चल रही है। यदि आप किसी भी खेल में रूचि रखते हैं तो आप उसमें भी एक अच्छे मक़ाम पर पहुँच सकते हैं। आज प्रत्येक सरकारी विभाग में खिलाडियों के लिए अलग से कोटा भी रखा गया है। जिससे उन्हें नौकरी पाने में भी आसानी होती है।

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