Samanya Gyan

Folk and classical Dances in India


भारत देश एक क्षेत्रफल के मामले में विश्व का सातवाँ बड़ा देश है और जनसँख्या के हिसाब से विश्व का दूसरा देश, भारत देश की संस्कृति को पूरा विश्व पसंद करता है क्यूंकि भारत में हर जगह कुछ नया देखने को मिलता है, वही भारत देश के विभिन्न राज्यों में विभिन्न प्रकार के रीती रिवाज के साथ त्यौहार मनाते है और अलग अलग तरह के नृत्य भी किया करते है. यहाँ जीकेसेक्शन के सदस्यों ने भारतीय राज्यों के क्लासिक को लोक नृत्य की सूचि व् सामान्य ज्ञान जानकारी प्रकाशित की है जोकि आपकी सामान्य जागरूकता व् प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC, Bank Exams etc.) की तैयारी करने में मददगार हो सकेगी.

List of Folk & Classic Dances of Different States in India

‘आंध्र प्रदेश’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘कुचिपुड़ी, विलासिनी नाट्यम, आंध्र नाट्यम, भामकल्पम, वीरनाट्यम, दप्पू, तपेता गुल्लू, लाम्बाडी, ढीम्सा, कोलाट्टम, बुट्टा बोम्मालु’ आते है|

‘असम’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘बिहू, बिछुआ, नटपूजा, महारास, कलिगोपाल, बगरुम्बा, नागा नृत्य, खेल गोपाल, तबल चोंगली, कैनो, झुमुरा होबनाई’ आते है|

‘बिहार’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘जटा-जतिन, बखो-बखिन, पनवरिया, सामा चकवा, बिदेसिया।’ आते है|

‘गुजरात’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘गरबा, डांडिया रास, तिप्पणी जुरीं, भवई।’ आते है|

‘हरियाणा’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘झूमर, फाग, डाफ, धमाल, लूर, गुग्गा, खोर, गागोर।’ आते है|

‘हिमाचल प्रदेश’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘झोरा, झाली, छुरी, धामन, छपेली, महासू, नाटी, डांगी।’ आते है|

‘जम्मू और कश्मीर’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘रऊफ, हिकत, मंडजस, कुद दांडी नाच, दमाली।’ आते है|

‘कर्नाटक’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘यक्षगान, हुतारी, सुग्गी, कुनिथा, करगा, लम्बी।’ आते है|

‘केरल’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘कथकली (शास्त्रीय), ओट्टम थूलाल, मोहिनीअट्टम, कैकोट्टिकाली।’ आते है|

‘महाराष्ट्र’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘लावणी, नकटा, कोली, लेजिम, गाफा, दहिकाला दशावतार या बोहड़ा।’ आते है|

‘ओडिशा’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘ओडिसी (शास्त्रीय), सावरी, घुमारा, दर्दका, मुनेरी, छऊ।’ आते है|

‘पश्चिम बंगाल’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘काठी, गंभिरा, ढली, जात्रा, बौल, मरसिया, महल, कीर्तन।’ आते है|

‘पंजाब’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘भांगड़ा, गिद्दा, डफ, धामन, भांड, नवल।’ आते है|

‘राजस्थान Rajasthan’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘घूमर, चकरी, गणगोर, झूलन लीला, झूमा, सुसीनी, गपल, कलोलिया।’ आते है|

‘तमिलनाडु’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘भरतनाट्यम, कूमी, कोलाट्टम, कवाड़ी।’ आते है|

‘उत्तर प्रदेश’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘नौटंकी, रासलीला, कजरी, झोरा, छपेली, जैत।’ आते है|

‘उत्तराखंड’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘गढ़वाली, कुमायुनी, कजरी, झोरा, रासलीला, छपेली।’ आते है|

‘गोवा’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘तरंगेलम, कोली, देखनी, फुगड़ी, शिग्मो, घोडे, मोदनी, सामाय नृत्य, जागर, रान्मेल, गोंफ, टोन्या मेल।’ आते है|

‘मध्य प्रदेश’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘जवारा, मटकी, आदा, खाड़ा नाच, फूलपति, ग्रिडा डांस, सेलालारकी, सेलाभदोनी, मांच।’ आते है|

‘छत्तीसगढ़’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘गौर मारिया, पंथी, राउत नाचा, पंडवानी, वेदमती, कपालिक, भरथरी चरित, चंडी।’ आते है|

‘झारखंड’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘अलकप, कर्म मुंडा, अग्नि, झूमर, जननी झूमर, मंदाना झूमर, पाइका, फगुआ, हंटा डांस, मुंडारी डांस, सरहुल, बाराओ, झिटका, दंगा, डोमकच, घोड़ा नाच।’ आते है|

‘अरुणाचल प्रदेश’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘बुआ, चलो, वांचो, पासी कोंगकी, पोंंग, पोपीर, बार्डो छम।’ आते है|

‘मणिपुर’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘डोल चोलम, थांग टा, लाई हरोबा, पुंग चोलोम, खंबा थबी, नुपा डांस, रासलीला, खुबक इसही, ल्हो शा।’ आते है|

‘मेघालय’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘का शद सुक मयनिसम, नोंगकर्म, लाहो।’ आते है|

‘मिजोरम’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘चेरव नृत्य, ख़ुलाम, चैलम, सॉवलकिन, च्वंग्लाइज़न, ज़ंग्टलम, पार लैम, सरलामकाई / सोलाकिया, तेलंगम।’ आते है|

‘नगालैंड’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘रंगमा, बैम्बू डांस, ज़ेलियांग, न्यूसिरोलियंस, गेल्टिएलिंग, टेमांगनेटिन, हेतलुले।’ आते है|

‘त्रिपुरा’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘Hojagiri।’ आते है|

‘सिक्किम’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘चू फत डांस, सिकमारी, सिंघी चाम या स्नो लायन डांस, याक चाम, डेन्जोंगॉन्ग गनेहा, ताशी यांगकू डांस, खुकुरी नाच, चुतकी नाच, मारुति डांस।’ आते है|

‘लक्षद्वीप’ के लोक नृत्य में मुख्यतः ‘लावा, कोलपाली, परिचकली।’ आते है|

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