क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ क्या है? – Timed Out In Cricket
ICC के द्वारा बनाये गए नियमों में “टाइम आउट” एक ऐसा नियम है जिसमे यदि किसी बल्लेबाज का विकेट गिर जाता है तो उसके 3 मिनट के अंदर अगले बल्लेबाज को अगली गेंद खेलने के लिए आना होता है. गौरतलब है कि इस विश्व-कप में टाइम आउट का कुल समय समय 2 मिनट निर्धारित किया गया है. ICC के 40.1.1 के अनुसार यदि कोई बल्लेबाज क्रीज पर आने पर इस समय से अधिक देरी करता है तो गेंदबाजी करने वाली टीम द्वारा अपील किये जाने के बाद उस बल्लेबाज को आउट करार दे दिया जाता है.
एंजेलो मैथ्यूज बने टाइम आउट होने वाले पहले खिलाड़ी:
श्रीलंका क्रिकेट टीम के बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के अब तक के इतिहास में “टाइम आउट” होने वाले विश्व के पहले क्रिकेटर बन गए है. इस विश्व कप में मैथ्यूज ने क्रीज पर पहुचने पर देरी कर दी और वे एक भी गेंद नहीं खेले और उन्हें वापस पवेलियन लौटना पड़ा. जैसे ही मैथ्यूज ने ड्रेसिंग रूम को नए हेलमेट के लिए कहा वैसे ही शाकिब और बांग्लादेश की क्रिकेट टीम ने “टाइम आउट” की अपील कर दी और अंपायरों ने उनकी अपील को मान लिया.

क्रिकेट इतिहास में पहली बार कोई हुआ है टाइम आउट का शिकार:
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 146 वर्ष के इतिहास में पहली बार हुआ है जब कोई क्रिकेट बल्लेबाज को टाइम आउट करार दिया गया है. श्रीलंकन बल्लेबाज मैथ्यूज को विश्व कप क्रिकेट में अपनी पहली गेंद खेलने में सिर्फ दो मिनट से अधिक का समय लगा, जिसके बाद उन्हें उन्हें आउट दे दिया गया. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट, पुरुष या महिला, में टाइम आउट नियम में यह पहली बार था कि किसी बल्लेबाज को “टाइम आउट” नियमों के अनुसार सीधा आउट दिया गया है.
क्रिकेट में टाइम आउट होने वाले खिलाड़ी की सूचि
- एंजेलो मैथ्यूज