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13 अप्रैल 2025 को मनाई गई जलियांवाला बाग हत्याकांड की 106वीं वर्षगांठ

जलियांवाला बाग हत्याकांड की 106वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा – “हमारे इतिहास का काला अध्याय”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला हत्याकांड को भारत के इतिहास का काला अध्याय बताया. दरअसल पीएम मोदी ने हत्याकांड की 106वीं वर्षगांठ पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

Jallianwala Bagh Massacre 106th Anniversary– जलियांवाला बाग हत्याकांड आज भी वीरों की शहादत की याद दिलाता है. भारत के लिए यह दिन काला अध्याय बन कर रह गया है. यह अंग्रेजों की क्रूरता को याद दिलाने वाला दिन है. 13 अप्रैल 1919 को हुए इस हत्याकांड ने देश को हिलाकर रख दिया था. इस हत्याकांड के पीछे का कारण रॉलेट एक्ट था. इस एक्ट के तहत अंग्रेजी सेना किसी को भी बिना मुकदमे के गिरफ्तार कर सकती थी. हालांकि जब यह हत्याकांड हुआ तो इसके बाद भारत का स्वतंत्रता संग्राम रुकने वाला नहीं था. क्रूरता की सारी हदें पार कर चुकी अंग्रेजी सेना के खिलाफ देश के कई वीर खुलकर सामने आने लगे.

पीएम मोदी ने बताया काला अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला हत्याकांड के शहीदों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने इस दौरान एक पोस्ट भी लिखा, जिसमें उन्होने शहीदों की शहादत को याद करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि उनके साहस को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी. उनके बलिदान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बड़ा मोड़ ला दिया था. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन हमारे इतिहास का काला अध्याय था.

1919 को हुआ था हत्याकांड

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अमृतसर के जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 को लोग रॉलेट एक्ट के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध और त्योहार मानने के लिए इकट्ठे हुए थे, लेकिन इसी बीच इस शांतिपूर्ण विरोध को जनरल डायर ने हत्याकांड में बदल दिया. डायर ने बिना चेतावनी दिए वहां इकट्ठे गए लोगों पर गोलियां चलवा दी. इसमें 379 लोगों की मौत और 1,200 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सरकार द्वारा दी गई थी. इस क्रूर हत्याकांड में पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शिकार हुए थे.

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