विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण लघु टिप्पणियां – Important Comments for Competitive Exams

Here you can preparation of Significant Short Comments for Different Competitive Examinations in Hindi


स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया अभियान – Start-up India, stand-up India campaign in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 69वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से भारत के युवाओं में उघमशीलता को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्ट–अप इण्डिया, स्टेंड-अप इण्डिया‘ अभियान की घोषणा की, जिसके तहत पहली बार किसी उघम में प्रवेश करने वाली युवाओं को बेंको से ऋण और अन्य तरह के लाभ दी जाएँगे . इस योजना के तहत देशभर में फेली बेंको की लगभग सवा लाख शाखाओं द्वारा ऋण दिया जाएगा. विशेषकर दलित-आदिवासी और महिला उघमियों को. इस अभियान के तहत सामजिक सुरक्षा को महत्व देने और खेती से जुड़े मुद्दों के समाधान ढूंढे जाएंगे. इसके द्वारा देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.


इफको का ई-पोर्टल ‘ग्राम संजीवनी’ – IFFCO’s e-portal ‘Gram Sanjivani’ in Hindi

इफको किसान संचार लिमिटेड (आईकेएसएल) ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय मंडियों और मौसम की जानकारी देने के लिए ई-पोर्टल ग्राम संजीवनी की शुरुआत की है. इस नए इंटरेक्टिव पोर्टल में किसानों के लाभ के लिए कई विशेस्ताएं है. इस पोर्टल में और अधिक गहन सेवाओं , जैसे-आभासी एक्सटेंशन सेवाएं, ग्रामीण हस्तशिल्प तथा ग्रामीण पर्यटन को भी जोड़ा गया है, यह पोर्टल ग्रामीण भारत से उत्पादों तथा सेवाओं के लिए मांग को बढाने में सहयोग करेगा थाट गाँव में ही उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु ग्रामीण भारत के लिए एक सुविधाजनक प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराएगा. ग्राम संजीवनी का अंतिम लक्ष्य उपलब्ध सूचनाओं के आद्या पर निर्णय लेने की सुविधा उपलब्ध कराकर ग्रामवासियों की सम्रद्धि को बढ़ावा तथा सूचनाओं का एक विश्वसनीय श्रोत विकसित करना है. इस पोर्टल कोई भी व्यक्ति विश्व में कही पर भी ग्रामीण भारत के बारे में उपयोगी जानकारी तथा व्यापक डाटाबेस प्राप्त कर सकता है.


प्रोजेक्ट मौसम – Project Mausam (Weather) in HIndi

केंदीय संस्कृति मंत्रालय ने 20 जून, 2014 को दोहा, क़तर में हुए विश्व धरोहर समिति के 38वें सत्र में प्रोजेक्ट मौसम की शुरुआत की है, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बहुआयामी हिन्द महासागर की दुनिया का पता लगाने और इसकी सांस्कृतिक वाणिज्यक और धार्मिक विविधता पर पुरातातिव्क और ऐतिहासिक अनुसंधान करना है, इस परियोजना का पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन नई दिल्ली में फरवरी 2015 में आयोजित किया गया, जिसमें राष्टीय और अंतराष्ट्रीय शोधकर्ताओं और सहयोगियों ने हिस्सा लिया. प्रोजेक्ट मौसम एक आकर्षक , बहुविषयक राष्ट्र्पारिय परियोजना है, जो हिन्द महासागर के पश्चक्षेत्र में लम्बे समय से खोए संबंधों को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रही है तथा भारत एवं हिंदी महासागर के देशो के बीच सहयोग एवं आदान-प्रदान के नए अवसर तैयार कर रही है.


भारत की स्पाइस रूट परियोजना – Spice Route Project of India in Hindi

जिस तरह चीन, भारत और अन्य देशो के साथ प्राचीनकालीन व्यापर मार्गों को सिल्क रूट कहा जाता था, वेसे ही भारत की बाकी दुनिया से चलने वाले गहन व्यापार के मार्ग को स्पाइस रूट कहा जाता था. भारत सरकार से सहयोग से केरल सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल 20000 वर्ष पुराने स्पाइस रूट को बहाल करने के लिए सतत प्रयास करना है, प्राचीन स्पाइस रूट से सम्बद्ध 31 देशो के साथ केरल द्वारा समुद्री व्यापार सम्बन्ध फिर से स्थापित किए जाने के अलावा यह परियोजना इस प्राचीन समुद्री मार्ग के प्रति आधुनिक यात्रियों में रूचि पैदा करना चाहती है, जो प्राचीन काल में पूरी दुनिया से यात्रियों को भारत लाने के लिए जिम्मेदार था. इससे सांस्क्रतिक , एतिहासिक एवं पुरातात्विक आदान – प्रदान फिर से जिन्दा होंगे तथा दक्षिण भारत में, परन्तु विशेष रूप से केरल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.


सिल्वर नोटिस – Silver Notice in Hindi

इंटरपोल ने अपराधियों एवं आतंकियों पर नकेल कसने के लिए ‘सिल्वर नोटिस‘ की अवधारणा विकसित की है, इसके तहत कालेधन की तत्काल पहचान और उनकी जब्ती के लिए यह नोटिस जरी किया जाएगा कालेधन की आशंका में यदि यह नोटिस जारी किया जाता है, तो सम्बंधित देश को ऐसे धन को तत्काल जब्त करना होगा. इस नोटिस के बारे में विश्वभर की एजेंसियों को जागरूक करने के लिए 18-19 नवम्बर, 2015 को दो दिन का ग्लोबल फोकल पॉइंट कांफ्रेंस आँन असेट रिकवरी नई दिल्ली में आयोजित किया गया. इसके तहत ऐसे अपराधी या आतंकी जिनकी सम्पाती या बेंक खाता विदेशो में है, उन पर सीधी कार्यवाही करने के लिए दुनियाभर की इंटरपोल पुलिस सिल्वर नोटिस के जारी जुड़ेगी जिसके खिलाफ सिल्वर नोटिस जारी होगा इसकी संपत्ति किसी भी देश में हो, जब्त कर लिए जाएगी, बेंक खाते को जब्त का लिया जाएगा और सभी तेह के लेनदेन पर रोक लगा दी जाएगी.


उदय – उज्‍जवल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस अथवा यूडीएवाई योजना – Ujwal DISCOM Assurance Yojana in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्ष्ता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 5 नवम्बर, 2015 को ‘उज्जवल डिस्कॉम एश्युरेंस योजना (Ujawal Discom Assurance Yojana) या उदय को स्वीकृति प्रदान की गई. इस योजना का लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों का वित्तीय सुधार एवं उनका पुनरुद्धार करना है. साथ ही बिजली वितरण कंपनियों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है. इस योजना से सभी लोगो को 24 घंटे किफायती एवं सुविधाजनक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. उदय योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों को आगामी दो-तीन वर्षो में उबारने हेतु निम्नलिखित चार फलें अपनाई जाएंगी —

=> बिजली वितरण कंपनियों की परिचालन क्षमता में सुधार.

=> बिजली की लागत में कमी.

=> वितरण कंपनियों की ब्याज लगत में कमी.

=> राज्य वित्त के साथ समनव्य के माध्यम से वितरण कम्पन्यों पर वित्तीय अनुशासन लागू करना.


इंप्रिट इण्डिया – Imprint India in Hindi

भारत के राष्ट्रपति द्वारा 5 नवम्बर 2015 को राष्ट्रपति भवन में कुलाध्यक्ष सम्मलेन के दुसरे दिन भारत से सम्बंधित दस प्रोघोगिकी क्षेत्रो की प्रमुख इंजीनियरी और प्रोघोगिकी चुनोतियों के समाधान के लिए एक खाका तैयार करने हेतु सभी भारतीय प्रोघोगिकी संस्थानों तथा भारतीय विज्ञान संस्थान की संयुक्त पहल इंप्रिट इण्डिया की शुरुआत की. इस पहल के निम्नलिखित उद्देश्य है-

=> नवांवेषण की आवश्यकता वाले समाज के तात्कालिक प्रासंगिक क्षेत्रो की पहचान .

=> वैज्ञानिक अनुसंधान के पहचाने गए क्षेत्रो में उन्मुखता.

=> इन क्षेत्रो में अनुसंधान के लिए अत्यधिक निधि सहायता सुनिश्चित करना.

=> ग्रामीण/शेहरी इलाकों के जीवनस्तर पर प्रभाव के सम्बन्ध में अनुसंधान प्रयास के परिणामो का आकलन करना है.


एक भारत, श्रेष्ट भारत’ योजना – ‘An India, Great India’ plan in Hindi

राष्ट्रिय एकता सुदूर्ण करने और लोगों को देश की विविधता तथा एक दुसरे राज्यों से व्यापक रूप से परिचित कराने के लिए केंद्र सरकार ने जल्द ही ‘एक भारत, श्रेष्ट भारत’ योजना की शुरुआत करने की घोषणा की है, इसमें एक राज्य की संस्कृति , भाषा , रहन – सहन और खानपान के सम्बन्ध में जानकारी से दुसरे राज्य के लोगो को परिचित कराया जाएगा. इसके तहत दो राज्य एक वर्ष के लिए एक-दुसरे से तालमेल बनाएँगे और सांस्क्रतिक तथा छात्रों के आदान-प्रदान में बेहतरीन साझेदारी कायम करेंगे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रिय एकता सुदूर्ण करने और लोगो को देश की विविधता तथा एक-दुसरे के राज्यों से व्यापक रूप से परिचित कराना है.


मेरा जिला, मेरी योजना वयस्क शिक्षा मिशन – My District, My Plan

पूर्ण साक्षरता हासिल करने की दिशा में पहल करते हुए सरकार ने ‘मेरा जिला, मेरी योजना‘ कार्यक्रम के तहत प्रौण शिक्षा मिशन एवं जन शिक्षण संस्थानों ने आयु अनुरूप एक समय-सीमा के भीतर साक्षरता का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा है, ‘मेरा जिला, मेरी योजना‘ कार्यक्रम के लक्ष्यों के तहत 40 से 60 वर्ष आयु वर्ग के निरक्षर लोगों की साक्षरता सम्बन्धी जरूरतों को पूरा करना है. इस लक्ष्य को एक वर्ष में पाने की बात कही गई . इसके लिए अगले एक वर्ष में पूर्ण साक्षरता हासिल करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी और इस उद्देश्य के लिए आयु अनुरूप लक्ष्य बनाकर उस पर तेजी से अनुपालन किया जाएगा. इस योजना के तहत केन्द्रीय योजना की रुपरेखा तैयार करने और साक्षरता अभियान के समक्ष चुनोतियों और मुद्दों की पहचान करने को भी कहा गया है.


ज्ञान सेतु – Gyan-Setu Project in Hindi

संचार मंत्रालय ने 25 दिसंबर, 2014 को ग्रामीण भारत में ई-सेवा देने के लिए ज्ञान सेतु नामक एक विशेष योजना की शुरुआत की है. ज्ञान सेतु इंटरनेट आधारित रियल टाइम आईसिटी प्रणाली पर आधारित है. ज्ञान सेतु का इर्मान भारत सरकार की प्रमुख टेलीकॉम प्रोघोगिकी आर एंड टी सेंटर टेलीमेटिक्स विकास केंद्र (सी-डाट) द्वारा किया गया है. ज्ञान सेतु ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पाद है इसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों को इंटरनेट से स्थानीय भाषा में जोड़ना है. यह बहुभाष उत्पाद है, जो टेक्स्ट, ऑडियो तथा वीडियो आधारित सुविधाएं भी प्रदान करता है. इसे कम पड़ेलिखे एवं निरक्षर , शारीरिक रूप से अक्षम लोग भी प्रयोग कर सकते है, यह देशभर में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रो में डिजिटल इण्डिया अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में काफी मददगार साबित होगा.


स्वास्थ्य स्लेट तकनीक की शुरुआत – Health Slate Techniques in Hindi

स्वास्थ्य स्लेट पब्लिक हेल्थ फाउंडेशान ऑफ़ इण्डिया द्वारा तैयार की गई एक ऐसी नवोन्मेषी तकनीक है जिससे 33 प्रकार के ब्लड टेस्ट हो सकते है. अमरीका से लौटे डॉक्टर कनब काहोल ने पब्लिक हेल्थ फाउंडेशान ऑफ़ इण्डिया के लिए इस तकनीक को बनाया है. यह एक चलती फिरती डाईग्नोस्टिक लेब है, जिसमे पिट्ठू, टेब, टेबलेट और ब्लड-एनालाइजर होता है, बेग पर लगा सौर पेनल उसमें रखे टेबलेट और एनालाइजर की बेटरी को चार्ज करना है. इसमें मधुमेह , डेंगू , मलेरिया, एचआइवी, पीलिया, हेपेटाईटिस-बी सहित 33 प्रकार की बीमारियों के टेस्ट कुछ ही मिनटों में हो जाते है. इस तकनीक की सहायता से जांच की रिपोर्ट मात्र सात मिनट में मिल जाएगी तथा रिपोर्ट काम मेसेज मरीज को और सम्बंधित चिकित्सकों के मोबाइल पर चल जाएगा.


दृष्टि प्रणाली – Vision System in Hindi

दृष्टि प्रणाली रनवे पर दृश्यता के आकलन के लिए बेहद परिष्क्र्त उपकरण है, जो खराब द्रश्यता के समय सुरक्षित लेंडिग और टेकऑफ़ के लिए महत्वपूर्ण है . द्र्श्यता मापक प्रणाली ‘दृष्टि’ ‘ट्रांसमिसोमिटर एक नया अपनी तरह का स्वदेश उत्पाद है जिका डिजाईन व् विकास वैज्ञानिक एवं औघोगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेट्रीज (एनएएल) बेंगलुरु द्वारा किया गया है. इसका उपयोग रनवे पर द्र्श्यता की स्थिति की जानकारी लेने के लिए किया जाता है, जो खराब द्र्श्यता की स्थिति (< 25 से >2000 मीटर) में विमान को सुरक्षित उतारने और उड़ान भरने के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड है, देशभर के 10 हवाई अड्डो पर 20 ऐसी प्रणालियाँ लगाने के पहले चरण में इस हवाई अड्डे पर हाल ही में दृष्टि ट्रांसमिसोमिटर लगाया गया है.


विक्रम-100 – उच्च निष्पादन कम्प्यूटिंग क्लस्टर – Vikram – 100 HPC Cluster in Hindi

अहमदाबाद की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला में 26 जून, 2015 को भारत के १३ वें सर्वाधिक तेज सुपर कम्प्यूटर की शुरुआत की गई. भारतीय अन्तरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर इस कंप्यूटर को विक्रम – 100 नाम दिया गया है. इस कंप्यूटर का निर्माण करने वाली टीम के प्रमुख दिलीप इंगम ने बताया की यह सुपर कंप्यूटर 200 डेस्कटाप कंप्यूटर से भी ज्यादा शक्तिशाली है. इससे वैज्ञानिक शोधार्थियों को मदद मिल सकती है. 300 टेराबाइट्स क्षमता व् करीब 13 करोड़ रुपए के खर्च से तैयार इस सुपर कंप्यूटर को और अपग्रेड की जा सकता है .


भास्कर मौसम भविष्यवाणी सुपर कंप्यूटर – Bhaskar Weather Predicting Super Computer

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रोघोगिकी मंत्रालय ने 2 जून, 2015 को राष्ट्रिय मध्यम रेंज मौसम पूर्वानुमान केंद्र (National Centre for Medium Range Weather Forecast) में उच्च स्तर की कम्प्यूटिंग इकाई का उदघाटन किया है इससे देश में मौसम भविष्यवाणी की क्षमताओं में सुधार होगा. इस सुपर कंप्यूटर का नाम ‘भास्कर‘ रखा गया है और अमरीका और यूरोपीय देशो की सूचि में अब भारत भी शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसे कंप्यूटर उपलब्ध है, यह भू-विज्ञान मंत्रालय के भूमि प्रणाली विज्ञान संगठन का हिस्सा है और यह उच्च क्षमता के क्षेत्रीय मॉडलों का इस्तेमाल कर उष्ण कटिबंधीय चक्रवात , भारी बारिश, बादल फटना और मानसून सम्बन्धी मौसम अनुमान की क्षमताओं को बढ़ाएगा.


स्कूल नर्सरी योजना – Union Government launched School Nursery Yojana in Hindi

केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई स्कुल नर्सरी योजना के माध्यम से छात्रों को स्कूलों में बनी नर्सरियों में पोध तैयार करने के काम में शामिल करके उन्हें प्रकर्ति के निकट लाने की तैयारी है. इस योजना का मूल उद्देश्य टिकाऊ भविष्य के लिए पेड़ लगाकर राष्ट्र को स्वच्छ और हरित बनाना है, योजना के अंतर्गत छात्र जीव विज्ञान कक्षाओं के लिए व्यवहारिक अभ्यास के हिस्से के रूप में और अन्य विषय के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम के अतिरिक्त गतिविधियों के तोर पर स्कुल में बनी नर्सरियों में बिज बोकर पौध तैयार करेंगे. स्कूलों में ही कम्पोस्ट खाद बनाने, वर्षा का पानी संचित करने और जल का पुन:चक्रण करने के लिए युवाओं को सर्वोत्तम जानकारी देने की प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा.


राष्ट्रव्यापी ‘नंदघर’ योजना की शुरुआत – Nandghar Yojna of Anganwadi Kendra in Hindi

समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत आँगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन में सामुदायिक सहभागिता बढाने के लिए सरकार ने नंदघर योजना शुरू की है. इस योजना की शुरुआत 24, जून, 2015 को हरियाणा में सोनीपत जिले के हसनपुर गाँव से हुई. यह योजना केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में पब्लिक प्राइवेट पार्टनर्शिप (पीपीपी) मोड़ पर शुरू की जा रही है . इसके तहत देशभर के आँगनवाड़ी केन्द्रों को बड़े-बड़े ओघोगिक घरानों , कॉर्पोरेट हाउसों द्वारा अंगीकृत किया जाएगा. पहले चरण में निजी क्षेत्र की कंपनी वेदांता द्वारा केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकार देशभर में 4000 आँगनवाड़ी केन्द्रों को नंदघर का रूप दिया दिया जाएगा. इन आँगनवाड़ी केन्द्रों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा.


टेलीमेडिसिन योजना ‘सेहत’ – Telemedicine Health Plan in Hindi

25 अगस्त, 2015 को केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अपोलो अस्पताल के सहयोग से सेहत नाम से इंटरनेट पर डाक्टरों की परामर्श सेवा की नई शुरुआत की. ज्ञातव्य है की टेलीमेडिसन की इस पहल के तहत लोग वीडियो संपर्क के जारी डाक्टरों से सलाह ले सकेंगे और जेनरिक दवाएं माँगा सकेंगे. टेलीमेडिसन वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा चिकित्सा पद्दति को कहा जाता है तथा जेनरिक दावा वह दावा है, जो बिना किसी पेटेंट की बनाई और वितरित की जाती है. इस योजना के तहत 60,000 गावों के  कॉमन सर्विस सेंटरों को टेलीमेडिसिन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इस सर्विस सेंटरों पर गाँव के लोगो को कंप्यूटर के जारी अपोलो हॉस्पिटल के चिकित्सकों की सलाह मिलेगी.

इन्हें भी देखें:
जी एस टी (GST) क्या है ?
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण लघु टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न सामाजिक – आर्थिक योजनाएं