भारत की कार्यपालिका व् इसकी भूमिका तथा कार्य के बारे में सटीक और सही जानकारी हिंदी में

Here you will find complete information about of What is Karyapalika in Hindi?, Role and its Functions of Indian Executive with exact details in Hindi.

संक्षिप्त विवरण कार्यपालिका – What is Indian Executive in Hindi

Union Executive of India in Hindi- व्यवस्थापिका द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करना तथा उन कानूनों को तोड़ने वालो को दंड दिलाने के लिए न्यायालय के सम्मुख उपस्थित करना कार्यपालिका का प्रमुख कर्तव्य है प्रशासन की देखवाल भी कार्यपालिका ही करती है साधारण मनुष्य मंत्रिमंडल को ही सरकार के नामे से पुकारते है , इसी से कार्यकारिणी का महत्व प्रकट हो जाता है यधपि किसी भी प्रकार की कार्यकारिणी के प्रशासन के योग्य सञ्चालन की जिम्मेदारी मंत्रियो पर होती है किन्तु स्वयं मंत्री इतने बड़े कार्य को नहीं कर सकते इसलिए उनके अंतर्गत स्थायी प्रशासनिक अधिकारयों का जाल बिछा होता है अपने कार्य में दक्ष तथा विशेष योह्यता रखने वाले छोटे-बड़े इन कर्मचारियों को नोकरशाही नाम से पुकारा जाता है इस प्रकार कार्यकारिणी में देश का प्रधान, उसका मंत्रिमंडल तथा छोटे-बड़े सरकारी अधिकारी नोकरशाही आदि सम्मिलित होते है कार्यपालिका के अंतर्गत वे सभी व्यक्ति व् कर्मचारी आते जिसका कार्य राज्य की इच्छा अर्थात कानूनों को लागु करना है|

भारतीय सन्दर्भ में कार्यपालिका के दो रूपों की चर्चा की जाती हैराजनितिक कार्यपालिका और स्थायी कार्यपालिका | राजनितिक कार्यपालिका में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते है जैसे की राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य | स्थायी कार्यपालिका के अंतर्गत सिविल के सदस्य आते है जैसे , प्रशासनिक अधिकारी और राजकर्मचारी | ये लोग प्रतियोगी परीक्षायो के माध्यम से छाटें जाते है और स्थायी रूप से अपने पदों पर बने रहते है मंत्रिमंडल बदलते रहते पर सिविल कर्मचारियों की नोकरी स्थायी होती है|

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कार्यपालिका की भूमिका तथा उसके कार्य – Indian Executive role and its functions

साधारणत: किसी देश की कार्यपालिका निम्नलिखित कार्य करती है –
प्रशासनिक कार्यकार्यपालिका का सबसे महत्वपूर्ण कार्य देश में शान्ति व्यवस्था तथा सुरक्षा स्थापित करना है इसके लिए मंत्रिमंडल के प्रत्येक मंत्री के पास एक एक विभाग होता है और वह अपने विभाग के योग्य प्रशासन के लिए लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होता है | व्यावास्थापिक द्वारा निर्मित कानूनों को लागू करना और कानून भंग करने वालो का दण्डित करवाना भी कार्यपालिका की जिम्मेदारी है इन कार्यों के अतिरिक्त सार्वजनिक उपयोगिता के कार्य जैसे रेल, तार व् डाक, कृषि आदि की व्यवस्था भी वर्तमान काल में कार्यकारिणी के आवश्यक कर्तव्य बन गए है|

सेनिक कार्य – प्रत्येक देश की कार्यपालिका का प्रधान देश की सम्पूर्ण सेनाओं का प्रमुख होता है इसी कारण वह सेना के बड़े बड़े अधिकारयों को नियुक्त करता है युद्ध की घोषणा करता और संकटकाल में तो उनकी सेनिक शक्तियां और भी बड़ जाती है | भारत व् अमेरिका का राष्ट्रपति देश की सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति है |

कुटनीतिक कार्य – इन कर्तव्यों में कार्यपालिका का दुसरे देशो के साथ सम्बन्ध स्थापित करने, समझोता करने, युद्ध व् संधि करने तथा अन्य देशो में कुटनीतिक प्रतिनिधि नियुक्त करने व् दुसरे देशो के ऐसे ही प्रतिनिधियों को अपने देश में मान्यता देने आदि के बहुत से कर्तव्य सम्मिलित है साधारणत: विदेश – निति संबंधी सम्पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यपालिका के कंधो पर होता है किन्तु वर्तमान काल में व्यवस्थापिका का अधिकाधिक नियंत्रण बढता जा रहा है जैसे अमेरिका की सीनेट को राष्ट्रपति द्वारा दी गई संधियों व् समझोतों पर निषेधात्मक अधिकार प्राप्त है | दुसरे शब्दों में कार्यकारिणी , कुटनीतिक कार्य के लिए विधानसभा के पार्टी उत्तरदायी है |

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कानून निर्माण सबंधी कर्तव्य – वैसे कानून निर्माण संबंधी कार्य व्यवस्थापिक का है किन्तु संसदीय प्रणाली में कानून बनाने का बहुत कुछ भार कार्यपालिका पर आ पड़ा है राष्ट्र्यपति को संसद के अधिवेशन बुलाने का अधिकार है जिससे कानूनों का निर्माण हो सके |

वित्तीय कर्तव्य – देश के प्रशासन को चलने के लिए कार्यकारिणी को धन की आवशयकता होती है इसके लिए उसे कर लगाने होते है संसदीय प्रणाली में वित्त पर व्यवस्थापिका का पूर्ण अधिकार होता है बिना संसद में पारित हुए न कोई कर वसूल किया जा सकता है और न ही धन व्यय किया जा सकता है अत: मंत्रिमंडल का प्रमुख कर्तव्य संसद में आगामी वर्ष का आय-व्यय का बजट पास करवाना होता है यह कार्य वित्त मंत्री की और से होता है जो विभिन्न मंत्रालयों से स्थापित करके तथा उके आगामी वर्ष के आय-व्यय का ब्यौरा तैयार करके देश का सम्पूर्ण बजट तैयार करता है |

न्यायिक कर्तव्यकार्यपालिका न्यायलयों की व्यवस्था तथा न्यायधीशों की नियुक्ति करती है जिससे वे कानूनों का उल्लंघन करने वालो को दंड देने की व्यवस्था कर सकें इसके साथ ही सभी देशो में कार्यपालिका कानूनों को भंग करने वालें को पकड़ कर न्यायलयों में उपस्थित करने का भी महत्वपूर्ण कार्य करती है जिससे न्याय प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ होती है |

अन्य कार्यकार्यपालिका उन लोगो को जिन्होंने विज्ञान, कला, साहित्य , खेल आदि में ख्याति प्राप्त कर रखी है उन्हें पुरस्कार व सम्मान भेंट करती है कुछ विशेष लोगो को पेंशन देना, या अनेक प्रकार के वीरता पुरस्कारों से सम्मानिक करना भी कार्यपालिका के दायित्वों में आता है |

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हमे उम्मीद है की आपको इस पोस्ट का अध्यन करके भारत की कार्यपालिकाके बारे में  जैसे, कार्यपालिका क्या है ? कार्यपालिका  के मुख्य कार्य , कार्यपालिका का महत्व आदि प्रश्नों की पूरी व् सटीक सामान्य ज्ञान जानकारी अच्छी तरह से समझ आ गयी होगी, यदि फिर भी कुछ ऐसा जो यहाँ प्रकाशित नहीं किया या कुछ इसमें सुधार करना हो तो कृपया हमे आप ईमेल के जरिये बताये.

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