दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (Deen Dayal Upadhyay Yojana) क्या है इसके बजट, लाभ और अन्य जानकारी

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUY) भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को विवेकपूर्ण तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना के उद्देश्य से 20 नवंबर, 2014 को प्रारंभ की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रीमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार नें 1000 दिनों के भीतर 1 मई, 2018 तक 18,452 अविद्युतीकृत गांवों का विद्युतीकरण करने का फैसला लिया है”। यह भारत सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है और विद्युत मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है। डीडीयूजीजेवाई से ग्रामीण परिवारों को काफी फायदा हो सकता है क्योंकि बिजली देश की वृद्धि और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योजना विद्युत मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है और बिजली की 24×7 आपूर्ति की सुविधा को सुगम बनायेगी।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का बजट

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) द्वारा अगस्त 2013 में स्वीकृत ग्रामीण विद्युतीयकरण से संबंधित शेष कार्य के लिए वर्तमान में 12वीं और 13वीं पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत आरजीजीवीवाई के चल रहे कार्यों को दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में सम्मिलित किया जाएगा। इस कार्य के लिए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 39,275 करोड़ रूपये की लागत को मंजूरी दी है, जिसमें 35,477 करोड़ रूपये की बजट सहायता भी शामिल है। 43,033 करोड़ रूपये के कुल प्रावधान के अतिरिक्त परिव्यय राशि भी दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में सम्मिलित जाएगी।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लाभ

1. सभी गांवों और घरों का विद्युतीकरण किया जाएगा
2. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वितरण की अवधि में सुधार होगा। इसके साथ ही अधिक मांग के समय में लोड में कमी, 3. उपभोक्ताओं को मीटर के अनुसार खपत पर आधारित बिजली बिल में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अधिक सुविधा दी जा सकेगी।
4. छोटे और घरेलू उद्यमों के विकास के परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसर
5. रेडियो, टेलीफोन, टेलीविजन, इंटरनेट और मोबाइल के पहुंच में सुधार
6. स्कूलों, पंचायतों, अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों में बिजली की पहुंच
7. परियोजनाओं को अनुमति देने की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्भ होगी। अनुमति मिलने के बाद परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्यों की वितरण कंपनियों और वितरण विभाग को ठेके दिए जाएंगे। ठेके देने की अवधि से 24 महीने के भीतर परियोजनाओं को पूरी किया जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक विकास के बढ़े अवसरों की प्राप्ति होगी

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के बारे में अन्य जानकारी

1. योजना का प्रमुख भाग अलग-अलग फीडर की व्यवस्था कर उप-पारेषण तथा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना है और सभी स्तरों जैसे इनपुट पाइंट, फीडर और वितरण ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाना है।
2. कार्य के लिए पत्र जारी किये जाने की तारीख से 24 महीनों की अवधि के भीतर योजना को पूरा किया जाएगा।
3. योजना का अनुदान भाग विशेष श्रेणी के राज्यों के अलावा अन्य राज्यों के लिए 60% (निर्धारित मील के पत्थर की उपलब्धि पर 75% तक) और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 85% (निर्धारित मील के पत्थर की उपलब्धि पर 90% तक) है।
4. अतिरिक्त अनुदान के लिए मील के पत्थर योजना को समय पर पूरा करना, प्रति प्रक्षेपवक्र एटीएंडसीनुकसान में कमी और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी की अग्रिम रिलीज हैं। सभी पूर्वोत्तर राज्यों सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित को विशेष राज्यों की श्रेणी में शामिल किया गया हैं।

संछिप्त में जाने!

दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना 25 जुलाई 2015 को शुरू की गई भारत सरकार की एक योजना है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत को निरंतर बिजली आपूर्ति प्रदान करना है।

इस योजना में परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए ₹ 760 बिलियन (यूएस $ 11 बिलियन) का परिव्यय है जिसके तहत भारत सरकार ₹ 630 बिलियन (9.4 अरब अमेरिकी डॉलर) का अनुदान प्रदान करेगी।

कृषि उपज में वृद्धि, हीथ में सुधार, शिक्षा और बैंकिंग सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा में सुधार आदि योजना के कुछ लाभ हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: http://powermin.nic.in

Error: View 7592b41opq may not exist