जी एस टी (GST) क्या है ? – जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य हिंदी में – What is Goods and Service Tax in Hindi?

Here you will find complete information and facts about Goods and Service Tax (GST) in Hindi


What is GST in Hindi – जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है, जो देशभर में वस्तिओं और सेवाओं की आपूर्ति पर विनिर्माता (Manufacturer) से उपभोक्ताओं तक एकल कर होगा जिससे पूरा देश एक एकीकृत साझा व्यापार में परिवर्तित हो सकेगा.

उत्पादन के प्रत्येक चरण में भुगतान किए गए इनपुट करों का लाभ मूल्य संवर्द्धन के बाद के चरण में उपलब्ध होगा. (Credit of input taxes paid at each stage will be available the subsequent stage of value addition) इस प्रकार उत्पादन के प्रयेक स्तर पर केवल ‘वैल्यू एडिशन’ पर ही यह कर देना होगा.
अंतिम उपभोक्ताओं को इस आपूर्ति श्रंखला में अंतिम डीलर द्वारा लगाया गया जीएसटी ही वहन करना होगा. इस प्रकार विभिन्न स्तरों पर लगने वाले करों पर कर का प्रभाव (Cascading Effect) समाप्त हो सकेगा.

जीएसटी के लागू होने से केन्द्रीय करों में से केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, सवाल कर, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (काउंटरवेलिंग ड्यूटी), विशेष और अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी तथा वस्तुओं व् सेवाओं पर लगने वाले सारे सर्चार्ग व् सेस जहाँ समाप्त होंगे, वहीँ राज्यों के करों में वेट, मनोरंजन कर, केन्द्रीय बिक्री कर, चुंगी व् प्रवेश कर, खरीद कर, विलासिता कर; लॉटरी, सट्टे व् जुए पर लगने वाले कर तथा सर्चार्ग व् सेस इसमें समाहित हो जाएँगे . इस प्रकार केंद्र , राज्यों व् स्थानीय निकायों द्वारा लिए जाने वाले विभिन्न अप्रत्यक्ष करों के स्थान पर एकीकृत जीएसटी ही वसूला जाएगा तथा पूरा देश एक समरूप बाजार के रूप में विकसित हो सकेगा.

कुछ समय बाद वस्तुओं के मलय इससे कम होंगे, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को होगा, सेवाओं के मूल्य में कुछ वृद्धि इससे होगी.
वस्तुओं व् सेवाओं की लगत कम होने से भारतीय निर्यात को इससे बढ़ावा मिलेगा.

अर्थशास्त्रिओं का मानना है की इससे जीडीपी में वृद्दि होगी. नेशनल काउन्सिल ऑफ़ एप्लाइड इकोनौमिक रिसर्च (NCAER) ने इससे जीडीपी में 0.9 प्रतिशत से 1.7 प्रतिशत की वृद्धि का नुमान व्यक्त किया था.

जीएसटी की संरचना दोहरी किस्म की होगी. केंद्र सरकार द्वारा लगाया व् वसूला जाने वाला कर (CGST) तथा राज्य सरकारों द्वारा लगया व् जाने वाला कर (SGST), वैल्यू एडिशन के प्रत्येक चरण पर सीजीएसटी व् एसजीएसटी एक साथ वसूले जायंगे.

जीएसटी के मामले में विभिन्न निर्णयों के लिए जीएसटी परिषद् (GST Council) का गठन किया जाएगा, जिसमें केंद्र व् राज्य दोनों का प्रतिनिधित्व होगा. केन्द्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्ष्ता वाली जीएसटी परिषद् में सभी राज्य सरकारें सदस्य होगी. इस प्रकार यह एक शक्तिशाली संविधिक निकाय होगा.

जीएसटी का आरोपण शुरू से अंत तक सुचना प्रोघोगिक पर आधारित होने के कारण इसका अनुपालन सरल होगा तथा कर वंचना (Tax Evasion) नहीं हो सकेगी. इससे कर संग्रह में वृद्धि होगी, जबकि कर संग्रहण की लागत कम होगी.

केंद्र व् राज्य सरकारों डू को ही जीएसटी के सम्बन्ध में कानून बनाने का अधिकार होगा.
वैयक्तिक उपभोग वाली शराब को जीएसटी के दायरे से बहार रखा गया है, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों पर जीएसटी के लागी करने के सम्बन्ध में निर्णय जीएसटी काउन्सिल द्वारा लिया जाएगा.

जीएसटी के परिणामस्वरूप राज्यों को होने वाली राजस्व हानि की भरपाई पांच वर्षो तक केंद्र द्वारा की जाएगी.

भारत में वेट सिद्धांत पर आधारित एक व्यापक जीएसटी लाने का सुझाव सर्प्रथम अप्रत्यक्ष करों पर केलकर कार्यबल ने २००3 में दिया था.

वर्ष 2010 तक राष्ट्रिय स्तर पर जीएसटी लागू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के 2006-07 के बजट में किया गया था तथा इसके लिए विस्त्रत रुपरेखा व् रोड मेप तैयार करने का दायित्व राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति को सौंपा गया था.

राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति के अनेक बैठकों व् केंद्र के साथ अमिति के विचार-विमर्श आने के पश्चात जीएसटी के लिए वंचित संविधान संशोधन विधेयक (115वां संविधान संशोघन विधेयक) मार्च 2011 में लोक सभा में प्रस्तुत किया गया था, जहाँ इसे संसद की ‘वित्त पर स्थायी समिति’ को संदर्भित किया गया था. बाद में 15वीं लोक सभा भंग हो जाने पर यह विधेयक निष्प्रभावी हो गया था.

केंद्र में मई 2004 में नई सरकार के गठन के पश्चात एक बार पुन: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए विधेयक के मसोदें को 17 दिसंबर , २०14 को मंजूरी दी थी तथा 19 दिसंबर, २०14 को इसे लोक सभा में प्रस्तुतु किया था, लोक सभा ने 6 मई , २०15 को इसी पारित कर दिया था जिसके पश्चात राज्य सभा में इसे प्रवर समिति को संदाभित किया था . समिति ने अपनी रिपोर्ट 22 जुलाई. २०15 को प्रस्तुतु की थी . विपक्षी दलों के साथ लम्बे व् गहन सीचर – विमर्श के पश्चात इसके लिए सहमति सरकार ने जुलाई २०16 तक प्राप्त कर ली, जिससे 3 अगस्त , २०16 को यह विधेयक राज्य सभा में पारित हो सका, अनेक संशोधनों के कारण लोग सभा में इसे 8 अगस्त , २०16 को पुन: पारित कराया गया.

भारत सरकार द्वारा 30 जून 2017 को माल और सेवा कर शुभारंभ किया गया था। भारत में, माल और सेवा कर विधेयक को आधिकारिक तौर पर 2014 में संविधान (एक सौ और बीस-दूसरा संशोधन) विधेयक, 2014 में पेश किया गया था। जीएसटी या गुड्स और सर्विस टैक्स एक ऐसा कर है जो माल, सेवाओं के बिक्री, विनिर्माण और उपयोग पर लगाया गया है। इसमें राज्य मूल्यवर्धित कर या बिक्री कर, मनोरंजन कर, (स्थानीय निकाय द्वारा शुल्क लगाए गए टैक्स को छोड़कर), प्रवेश और जकात टैक्स, केंद्रीय बिक्री कर (केंद्र द्वारा लगाए गए और राज्य सरकार द्वारा एकत्रित किए गए), खरीद कर, विलासिता कर , सेवाओं और सामान की आपूर्ति और खपत में शामिल सट्टेबाजी, लॉटरी और राज्य सेस और अधिभार पर कर। जीएसटी भूमि / भवन की बिक्री पर लागू नहीं होगी (स्टाम्प ड्यूटी लागू करना जारी रखेगा).

आधिकारिक वेबसाइट: https://www.gst.gov.in/

इन्हें भी देखें:
मेक इन इंडिया क्या है|
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
सांसद आदर्श ग्राम योजना क्या है|