भारत के स्वतंत्रता से 1947 से लेकर 2023 तक के प्रधानमंत्री की सूची

Complete List of Prime Ministers of India 1947 to 2023. इस सूची में भारतीय स्वतंत्रता के बाद से लेकर 2023 तक के सभी प्रधानमंत्रियों का विवरण दिया गया है। यहाँ पर आपको प्रधानमंत्रियों के नाम, उनके कार्यकाल, और उनके योगदान की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी

भारत के स्वतंत्रता से 1947 से लेकर 2023 तक के प्रधानमंत्री की सूची – List of Prime Ministers of India from Independence in 1947 to 2023 Till Now

भारत के स्वतंत्रता से 1947 से लेकर 2023 तक के प्रधानमंत्री” – भारतीय राजनीति और सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण दशकों की दृष्टि से यह विशेष सूची बेहद महत्वपूर्ण है। इस अवधि में, देश ने कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना किया और उसने नए-नए मार्गदर्शकों का स्वागत किया। निम्नलिखित है भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्रियों की सूची, जिन्होंने देश के विकास में अपने योगदान किया

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भारत के स्वतंत्रता से 1947 से लेकर 2023 तक के प्रधानमंत्री की सूची है

  • पंडित जवाहरलाल नेहरू: 1947-1964
  • गुलजारीलाल नंदा: 1964-1966
  • लाल बहादुर शास्त्री: 1966-1966
  • इंदिरा गांधी: 1966-1977, 1980-1984
  • मोरारजी देसाई: 1977-1979
  • चौधरी चरण सिंह: 1979-1980
  • विश्वासराव पाटिल: 1984-1984
  • राजीव गांधी: 1984-1989
  • वी. पी. सिंघ: 1989-1990
  • चंद्रशेखर: 1990-1991
  • पी. वी. नरसिम्हा राव: 1991-1996
  • आटल बिहारी वाजपेयी: 1996, 1998-2004
  • हरदास्वामी: 1996-1996
  • इकबाल अहमद अंसारी: 1997-1997
  • गुजराल: 1997-1998
  • मनमोहन सिंह: 2004-2014
  • नरेंद्र मोदी: 2014-वर्तमान तक

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भारतीय स्वतंत्रता से लेकर 2023 तक के सभी प्रधानमंत्रियों की विस्तृत जानकारी:

पंडित जवाहरलाल नेहरू: 1947-1964

नेहरू, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण व्यक्ति, भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करे। उन्होंने भारत की विदेश नीति और घरेलू विकास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेहरू को धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, और गैर-संरक्षण के प्रति उनकी समर्पण भावना के लिए जाना जाता था।

गुलजारीलाल नंदा: 1964-1966

गुलजारीलाल नंदा, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सदस्य, ने प्रधानमंत्री के रूप में भारतीय समाज के विकास और आर्थिक सुधार के प्रति अपनी समर्पण भावना का प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा, कृषि, और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में योगदान किया और देश के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

लाल बहादुर शास्त्री: 1966-1966

लाल बहादुर शास्त्री, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान साथी, ने प्रधानमंत्री के पद पर अपने संवाद कौशल और सादगी के साथ अपनी भूमिका का निर्वाह किया। वे सामाजिक न्याय, आर्थिक सुधार, और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पित थे। उनका अच्छा नेतृत्व और सेवाभाव देश को प्रेरित किया और संवृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इंदिरा गांधी: 1966-1977, 1980-1984

इंदिरा गांधी, भारतीय राजनीति की शक्तिशाली महिला नेता, ने प्रधानमंत्री के पद पर दो अवधियों में गुज़ारा किया। उन्होंने विशेष रूप से गरीबों और पिछड़ों की समृद्धि और समाज में समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उनके द्वारा नीतिगत उदारीकरण, खाद्य सुरक्षा, और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में नवाचार को प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने 1971 में भारत-पाक युद्ध का सफल प्रबंधन किया और बाद में आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय आम चुनाव आयोजित किए। उनका नेतृत्व, साहस, और योगदान भारतीय राजनीति में अमर रहेगा.

मोरारजी देसाई: 1977-1979

मोरारजी देसाई, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक और पांचवे प्रधानमंत्री के रूप में, ने अपने कार्यकाल में देश के विकास और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी समर्पण भावना का प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक सुधार और कृषि क्षेत्र में नए दिशानिर्देश प्रदान किए। उनका नेतृत्व मजबूत था और उन्होंने देश की रक्षा, स्वास्थ्य, और शिक्षा क्षेत्र में योगदान किया। उन्होंने विशेष रूप से आपदाओं के समय राष्ट्रीय एकता को साबित किया और देश के उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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चौधरी चरण सिंह: 1979-1980

चौधरी चरण सिंह, भारतीय जनता पार्टी के सातवें प्रधानमंत्री, ने अपने संकल्पित कार्यकाल में देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए और गरीबों के लिए योजनाएं बनाई। उनका संघटनात्मक नेतृत्व और निष्ठायी प्रतिबद्धता देश को समृद्धि की ओर अग्रसर करने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने विशेष रूप से गरीबी के खिलाफ लड़ाई में अपना सहयोग दिखाया और देश की आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विश्वासराव पाटिल: 1984-1984

विश्वासराव पाटिल, भारतीय गणराज्य के सदस्य और चौदहवें प्रधानमंत्री, ने अपने चुने गए संकल्प में समाजिक न्याय और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक सुधार और गरीबी उन्मूलन के लिए योजनाएं बनाई। उनका नेतृत्व और सेवाभाव देश की तरक्की की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने कृषि और उद्यमिता के क्षेत्र में नए दिशानिर्देश प्रदान किए और विज्ञान-प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया। उनके दौरान भारतीय समाज में विकास के नए मार्ग प्रशस्त हुए और वे एक सामाजिक नेता के रूप में प्रसिद्ध हुए।

राजीव गांधी: 1984-1989

राजीव गांधी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सैनिक महात्मा गांधी के पुत्र और बायोटेक्नोलॉजी के प्रशंसित वैज्ञानिक, पंचवें प्रधानमंत्री के रूप में भारतीय समाज के सुधार और आर्थिक विकास के प्रति अपनी अनबन से जुड़ी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक सुधार और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में नए दिशानिर्देश प्रदान किए, और गरीबों के लिए योजनाएं बनाई। उनका नेतृत्व मजबूत था और उन्होंने भारतीय समाज को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।

वी. पी. सिंघ: 1989-1990

वी. पी. सिंघ, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बुद्धिजीवी विचारक, ने नौवें प्रधानमंत्री के रूप में अपने संकल्पित कार्यकाल में राष्ट्र की आर्थिक पुनर्निर्माण और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी उम्मीदों को अंजाम दिलाया। उन्होंने आर्थिक सुधार और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए नए दिशानिर्देश प्रदान किए, और गरीबों और पिछड़ों के लिए योजनाएं बनाई। उनका संघटनात्मक नेतृत्व और समर्पण देश के विकास को नई दिशा में प्रोत्साहित किया और उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए।

चंद्रशेखर: 1990-1991

चंद्रशेखर, भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता और एक प्रमुखय सूचना प्रौद्योगिकी के उद्यमिता, ने 1990 से 1991 तक के अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित किया। उन्होंने आर्थिक उदारीकरण के क्षेत्र में नए दिशानिर्देश प्रदान किए और युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तराधिकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय अधिष्ठित किए। उनके नेतृत्व में भारत ने विभिन्न सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान किया और देश की विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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पी. वी. नरसिम्हा राव: 1991-1996

पी. वी. नरसिम्हा राव, भारतीय गणराज्य के दसवें प्रधानमंत्री, ने 1991 से 1996 तक के अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश की आर्थिक सुधार और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक उदारीकरण, वित्तीय सुधार, और औद्योगिकीकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके नेतृत्व में भारत ने विश्व बाजार में अपनी प्रतिस्था को मजबूत किया और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में भागीदारी बढ़ाई। उनके कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुए और विकास में गति प्राप्त की।

अटल बिहारी वाजपेयी: 1996, 1998-2004

अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और सोलहवें प्रधानमंत्री, ने 1996 में और फिर 1998 से 2004 तक के अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में देश की सामाजिक और आर्थिक विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने आर्थिक सुधार, औद्योगिकीकरण, और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में नवाचार को प्रोत्साहित किया। उनके प्रधानमंत्री बनने के दौरान भारतीय समाज को विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए संकल्पित कदम उठाए गए और उन्होंने देश की अंतरराष्ट्रीय मान-पहचान को मजबूत किया।

हरदास्वामी: 1996-1996

हरदास्वामी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजसेवी, ने 1996 में अपने संकल्पित कार्यकाल में गरीबों और पिछड़ों की सेवा और समाज में सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में योगदान किया और गरीब वर्ग के लोगों के लिए उपायों की प्राथमिकता दी। उनके माध्यम से समाज में सशक्तिकरण और समाजिक सुधार की बढ़ती हुई आवश्यकताओं का समाधान किया गया और उन्होंने समाज को समर्पित सेवा में अपना जीवन बिताया।

इकबाल अहमद अंसारी: 1997-1997

इकबाल अहमद अंसारी, भारतीय समाज के प्रमुख उद्यमिता और विशेषज्ञ वैज्ञानिक, ने 1997 में अपने संकल्पित कार्यकाल में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने आधुनिक तकनीकी और विज्ञान में नवाचार प्रोत्साहित किए और उनका उपयोग सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में भी किया। उनके प्रमुख कार्यों में खाद्य प्रौद्योगिकी, अणु ऊर्जा, और औद्योगिक विकास शामिल थे। उनके प्रयासों से भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च स्तर पर प्रगति हुई और देश की तकनीकी रूपरेखा को मजबूती मिली।

गुजराल: 1997-1998

इकबाल अहमद अंसारी, भारतीय समाज के प्रमुख उद्यमिता और विशेषज्ञ वैज्ञानिक, ने 1997 में अपने संकल्पित कार्यकाल में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने आधुनिक तकनीकी और विज्ञान में नवाचार प्रोत्साहित किए और उनका उपयोग सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में भी किया। उनके प्रमुख कार्यों में खाद्य प्रौद्योगिकी, अणु ऊर्जा, और औद्योगिक विकास शामिल थे। उनके प्रयासों से भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च स्तर पर प्रगति हुई और देश की तकनीकी रूपरेखा को मजबूती मिली।

मनमोहन सिंह: 2004-2014

मनमोहन सिंह, भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्री और विशेषज्ञ अर्थशास्त्री, ने 2004 से 2014 तक के दशक में देश की आर्थिक विकास और ग्लोबल महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक सुधार और उद्योगिकीकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। उनके नेतृत्व में भारत ने विश्व बाजार में अपनी प्रतिस्था को मजबूत किया और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों में अपने दृढ स्थान को बनाए रखा।

नरेंद्र मोदी: 2014-वर्तमान तक

नरेंद्र मोदी, भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्री और लोकप्रिय राजनीतिक नेता, ने 2014 से वर्तमान तक देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने ‘स्वच्छ भारत अभियान’, ‘जन धन योजना’, ‘आयुष्मान भारत’, और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। उनका नेतृत्व मजबूत और सक्रिय है, और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है, जैसे कि आर्थिक सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा, और आउटरीच रिलेशंस को मजबूती देने में। उनका प्रयास भारत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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