भारत की राज्य-सभा व् इसकी भूमिका तथा कार्य के बारे में सटीक और सही जानकारी हिंदी में

Here you will find complete information about what is Rajya Sabha? , State Council Role and its Functions, Works of Rajya Sabha and its Members with exact details in Hindi


संक्षिप्त विवरण राज्यसभा – What is State Council of India in Hindi

संसद के उच्च सदन को राज्यसभा कहते है | यह स्थायी सदन है और इसके सदस्य देश के गणमान्य वरिष्ट नेता होते है जो अपनी योग्यता के लिए विख्यात होते है यह सदन जनता का नहीं , राज्यों का सदन है और इसमें सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करते है|

राज्यसभा तथा इसके मंत्रियों की भूमिका तथा उसके कार्य – Indian State Council and its Ministers role and its functions

राज्यसभा का संगठन – राज्यसभा की सदस्य संख्या की अधिकतम सीमा 250 है अर्थात लोकसभा की सदस्य संख्या से यह लगभग आधी होती ही इसमें से 238 सदस्य विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रो के प्रतिनिधि हो सकते है तथा 12 सदस्यों को कला, साहित्य , विज्ञान, सामाजिक सेवा आदि के क्षेत्र में विशेष कार्य करने के कारण राष्टपति राज्यसभा में मनोनीत करता है |

Rajya Sabha Samanya Gyan in Hindi by GKsection

राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन – राज्यसभा के लिए संशयों का निर्वाचन विभिन्न राज्यों की विधानसभाएँ (विधानमंडल का निचला सदन) करती है | संघीय क्षेत्रो से राज्यसभा के सस्यों का निर्वाचन किस प्रकार होता, संसद इस सम्बन्ध में कानून पारित करती है | विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं के केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों पर आधारित निर्वाचक मंडल ही उन राज्यों के राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन करेगा | यह निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व चुनाव प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणिय चुनाव मत प्रणाली के आधार पर होता है , जिन 12 सदस्यों को राष्ट्रपति राज्यसभा में मनोनीत करता है , उनके सम्बन्ध में वह यह निश्चय कर लेता है की वे कला, साहित्य , विज्ञान, समाज सेवा आदि क्षेत्र में विशेष योग्यता रखते है और उनकी सदस्यता से राज्यसभा को लाभ होगा|

सदस्यों की योग्यताएं – राज्यसभा की सदस्यता प्राप्त करने के लिए प्रत्याशी में निम्नलिखित योग्यताएं होनी आवश्यक है –
(i) वह भारत का नागरिक हो |
(ii) वह अपनी आयु के 30 वर्ष पूर्ण कर चुका हो |
(iii) 1951 के जन – प्रतिनिधि अधिनियम के अनुसार यह आवश्यक है की जिस राज्य या संघ-क्षेत्र से वह खड़ा होना चाहता है, उसके किसी लोकसभा के निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता हो |
(iv) वह संसद द्वारा निर्धारित की गई योग्यताएं को पूरा करता हो |

राज्यसभा की अवधि – राज्यसभा एक स्थायी सदन है उसके लिए एक समय में सभी सदस्यों का चुनाव नहीं होता| राज्यसभा के सदस्य छ: वर्ष के लिए चुने जाते है और प्रति दो वर्ष के पश्चात कुल सदस्य संख्या का 1/3 भाग अवकाश ग्रहण कर लेता है | इस प्रकार राज्यसभा सदा विद्दमान रहती है और उसमे नए सदस्यों का समावेश होता रहता है|

राज्यसभा के सदस्यों के लिए अयोग्यताए तथा स्थानों का रिक्त होना – सदस्यता के लिए अयोग्यताओ का तथा स्थानों के रिक्त होने का वर्णन लोकसभा का वर्णन करते संन्य किया गया है|

पदाधिकारी – भारत का उपराष्ट्रपति अपने पद के करण (पदेन) ही राज्यसभा होता है किन्तु वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता| उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के सभापति के रूप में ही वेतन मिलता है सदन में मतदान के समय रदी बराबर मत आते है तो वह निर्णायक मत दे सकता है | राज्यसभा का उपसभापति भी होता है , जिसे राज्यसभा स्वयं चुनती है | उपसभापति का कार्य सभापति को सहायता देना तथा उनकी अनुपस्थिति में उसके कार्यों का संपादन करना है |

राज्यसभा के सभापति तथा उप-सभापति के सामान्यत: वही कार्य है जो कोल्सभा के अध्यक्ष व् उपाध्यक्ष के होते है|


इन्हें भी देखें:
Akbar and Birbal in Hindi
What is Sensex in Hindi
What is Google in Hindi